Temasek ने Air India में Singapore Airlines के निवेश को अपना समर्थन दिया है। एयरलाइन को अपने टर्नअराउंड प्लान के लिए **$1.5 बिलियन** की अतिरिक्त पूंजी की जरूरत है, जबकि फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी को **₹22,238 करोड़** का रिकॉर्ड नुकसान हुआ है।
भारी नुकसान और पूंजी की चुनौती
यह फंडिंग की मांग एक बेहद कठिन फाइनेंशियल ईयर के बाद सामने आई है। Air India और इसकी सब्सिडियरी Air India Express ने मिलकर मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में ₹22,238 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। यह आंकड़ा पिछले साल के ₹10,859 करोड़ के नुकसान से दोगुना से भी ज्यादा है। इस घाटे के पीछे मुख्य कारण बढ़ते ऑपरेशनल खर्च, फ्यूल की अस्थिर कीमतें और अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर लंबे रूट का दबाव है।
मौजूदा हिस्सेदारी की बात करें तो Singapore Airlines (SIA) के पास Air India की 25.1% हिस्सेदारी है, जबकि बाकी 74.9% टाटा ग्रुप के पास है। इतने बड़े फंड की जरूरत को देखते हुए SIA का बोर्ड अब अपनी बैलेंस शीट और भारतीय एविएशन मार्केट की लंबी अवधि की संभावनाओं को तौल रहा है।
रणनीतिक दांव और जोखिम
Temasek और SIA के लिए यह केवल निवेश नहीं, बल्कि एक लंबी अवधि की रणनीति है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट है, और SIA यहाँ अपना दूसरा हब बनाना चाहती है। हालांकि, यह राह आसान नहीं है। कंपनी को सप्लाई चेन की दिक्कतों और अंतरराष्ट्रीय एयरस्पेस बंद होने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे खर्चों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। साथ ही, सिंगापुर में सरकारी फंड को एक घाटे वाली विदेशी इकाई में लगाने को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक सवालों का भी दबाव है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
अब बाजार की नजर इस बात पर है कि SIA का बोर्ड $1.5 बिलियन की इक्विटी इन्फ्यूजन पर क्या फैसला लेता है। निवेशकों को फ्लीट यूटिलाइजेशन और यूनिट कॉस्ट जैसे ऑपरेशनल मेट्रिक्स पर गौर करना चाहिए, क्योंकि यही वे पैमानों हैं जो भविष्य में कंपनी के मुनाफे की दिशा तय करेंगे।
