Tata Projects और MDS Aero की बड़ी साझेदारी, भारत में बनेगा इंजन टेस्टिंग हब

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AuthorAditya Rao|Published at:
Tata Projects और MDS Aero की बड़ी साझेदारी, भारत में बनेगा इंजन टेस्टिंग हब

Tata Projects ने कनाडा की MDS Aero Support के साथ हाथ मिलाया है। इस पार्टनरशिप का मकसद भारत में ही गैस टर्बाइन इंजन टेस्टिंग की हाई-टेक सुविधा तैयार करना है, जिससे 'मेक इन इंडिया' को नई रफ्तार मिलेगी।

भारत में आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम

Tata Projects ने कनाडा की कंपनी MDS Aero Support के साथ मिलकर भारत में गैस टर्बाइन इंजन टेस्टिंग के लिए खास इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने का ऐलान किया है। अभी तक ऐसी टेस्टिंग के लिए हमें विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन इस करार के बाद भारत की डिफेंस और एविएशन सेक्टर में अपनी क्षमता और बढ़ेगी।

क्या है दोनों कंपनियों का रोल?

इस पार्टनरशिप में काम का बंटवारा एकदम साफ है। Tata Projects इस प्रोजेक्ट में हैवी सिविल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग की कमान संभालेगी। इसमें हाई-प्रेशर एयर सिस्टम, कूलिंग-वॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड HVAC सिस्टम बनाना शामिल है। वहीं, MDS Aero इस पूरे सिस्टम के डिजाइन, इंटीग्रेशन और लाइफसाइकिल सपोर्ट की जिम्मेदारी संभालेगी।

डिफेंस सेक्टर के लिए क्यों है यह जरूरी?

सरकार का फोकस डिफेंस में ज्यादा से ज्यादा इंडिजिनाइजेशन पर है। इंजन टेस्टिंग जैसी फैसिलिटी लोकल लेवल पर होने से न केवल लागत कम होगी, बल्कि विदेशी सप्लाई चेन पर निर्भरता भी घटेगी। यह एविएशन और डिफेंस इकोसिस्टम को तेजी से तैयार करने में मददगार साबित होगा।

निवेशकों के लिए जरूरी बातें

भले ही यह एक बड़ी खबर है, लेकिन निवेशकों को थोड़ा धैर्य रखने की जरूरत है। ऐसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में सरकारी मंजूरी, जमीन अधिग्रहण और सख्त क्वालिटी सर्टिफिकेशन जैसे कई चरण होते हैं। कंपनी की आगे की ग्रोथ इस पर निर्भर करेगी कि उन्हें डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट्स कितनी तेजी से मिलते हैं और सरकार की डिफेंस प्रोक्योरमेंट पॉलिसी में क्या बदलाव आते हैं। अभी मार्केट की नजर इस बात पर है कि पहला ऑपरेशनल हब कब तक तैयार होता है और इससे कंपनी के ऑर्डर बुक में क्या इजाफा होता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.