भारत के महत्वाकांक्षी फिफ्थ-जेनरेशन फाइटर जेट, AMCA प्रोग्राम के लिए देश की दिग्गज कंपनियों ने अपनी दावेदारी पेश कर दी है। **₹15,000 करोड़** के इस बड़े सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के लिए टाटा, एलएंडटी और भारत फोर्ज के कंसोर्टियम आमने-सामने हैं।
डिफेंस सेक्टर में नया बदलाव
एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) को हाल ही में तीन प्रमुख प्राइवेट सेक्टर कंसोर्टियम से फाइनल बिड्स मिली हैं। यह प्रोजेक्ट भारत के 'मेक इन इंडिया' डिफेंस विजन के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। ₹15,000 करोड़ के इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत कुल 5 स्टेल्थ फाइटर प्रोटोटाइप्स और एक स्ट्रक्चरल टेस्ट स्पेसिमेन तैयार किया जाना है। इसके लिए आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी में एक नया मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की योजना है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
डिफेंस सेक्टर के जानकारों का मानना है कि इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट्स का रेवेन्यू सीधे तौर पर माइलस्टोन्स (Milestones) से जुड़ा होता है। इसमें डिजाइन अप्रूवल से लेकर प्रोटोटाइप के सफल उड़ान परीक्षण तक का सफर शामिल है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि ये लॉन्ग-टर्म प्रोजेक्ट्स हैं, जिनमें भारी रिसर्च और कैपिटल एक्सपेंडिचर की जरूरत होती है।
चुनौतियां और टाइमलाइन
सरकारी डेडलाइन के अनुसार, कॉन्ट्रैक्ट मिलने के 24 महीने के भीतर पहला प्रोटोटाइप तैयार होना चाहिए, जबकि 2031 तक सभी प्रोटोटाइप्स को पूरा करने का लक्ष्य है। हालांकि, इसमें F414 इंजन जैसी तकनीक और ग्लोबल सप्लाई चेन पर निर्भरता एक बड़ा फैक्टर बनी हुई है।
फिलहाल, ADA तकनीकी पहलुओं की समीक्षा कर रही है और आने वाले कुछ हफ्तों में विजेता कंपनी का नाम फाइनल किया जा सकता है। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, L&T और भारत फोर्ज, तीनों ही कंपनियां अपने मौजूदा अनुभव के दम पर इस प्रोजेक्ट को हासिल करने के लिए पूरी ताकत लगा रही हैं।
