ताइवान के रक्षा मंत्री Wellington Koo ने पुष्टि की है कि अमेरिका के साथ मौजूदा रक्षा करार बरकरार हैं, भले ही **$14 अरब** का एक पैकेज फिलहाल रुका हुआ है। सप्लाई चेन की बाधाओं के बाद **66 F-16V** फाइटर जेट्स का उत्पादन अब शुरू हो चुका है।
रक्षा सौदों पर सरकार का रुख
ताइवान के रक्षा मंत्री Wellington Koo ने स्पष्ट किया है कि द्वीप का डिफेंस प्रोक्योरमेंट पाइपलाइन पूरी तरह से पटरी पर है। हालांकि $14 अरब के एक बड़े आर्म्स पैकेज को लेकर मार्केट और डिप्लोमैटिक हलकों में चिंताएं थीं, लेकिन मंत्री ने आश्वस्त किया है कि अमेरिका के साथ सैन्य समझौते स्थिर हैं।
F-16V के उत्पादन में तेजी
निवेशकों और डिफेंस सेक्टर के लिए सबसे बड़ी खबर Lockheed Martin द्वारा बनाए जाने वाले 66 एडवांस्ड F-16V फाइटर जेट्स से जुड़ी है। पहले सप्लाई चेन और मैन्युफैक्चरिंग चुनौतियों के कारण इनमें काफी देरी हुई थी, लेकिन अब ये विमान प्रोडक्शन फेज में आ चुके हैं। यह बदलाव मैन्युफैक्चरर्स के लिए एक पॉजिटिव संकेत है, क्योंकि अब रेगुलर डिलीवरी शेड्यूल की राह आसान हो गई है।
भू-राजनीतिक चुनौतियां और बाजार का असर
$14 अरब वाले पैकेज के रुकने को एक्सपर्ट्स एक 'डिप्लोमैटिक पॉज' के तौर पर देख रहे हैं। बीजिंग लगातार अमेरिका पर ताइवान को हथियार न बेचने का दबाव बनाता रहा है। 'Taiwan Relations Act' के तहत अमेरिका ताइवान को रक्षा क्षमताएं देने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है, जिससे निवेशकों को इस सेक्टर में स्थिरता की उम्मीद बनी हुई है।
आने वाले समय में, F-16V की डिलीवरी टाइमलाइन और अमेरिका की डिफेंस पॉलिसी में बदलाव पर नजर रखना जरूरी होगा। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही ग्लोबल क्लाइमेट के कारण भविष्य के सौदों में उतार-चढ़ाव दिखे, लेकिन वाशिंगटन और ताइपे के बीच का कोर सिक्योरिटी आर्किटेक्चर मजबूत बना हुआ है।
