Swan Defence Expansion: 2027 तक 550 नई नियुक्तियां, शिपयार्ड की क्षमता बढ़ाने की बड़ी तैयारी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Swan Defence Expansion: 2027 तक 550 नई नियुक्तियां, शिपयार्ड की क्षमता बढ़ाने की बड़ी तैयारी

शिपबिल्डिंग और रिपेयर सेक्टर की दिग्गज कंपनी Swan Defence and Heavy Industries ने अपने वर्कफोर्स को विस्तार देने का फैसला किया है। कंपनी मार्च 2027 तक 550 नए कर्मचारियों को नौकरी पर रखेगी, जिससे प्रोजेक्ट्स की डिलीवरी क्षमता में सुधार की उम्मीद है।

भर्ती का मकसद और विस्तार

Swan Defence and Heavy Industries Ltd (SDHI) ने अपने ऑपरेशनल फुटप्रिंट को बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी मैनेजमेंट के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया के तहत मैनेजमेंट और स्पेशलाइज्ड टेक्निकल पदों पर फोकस किया जाएगा। यह कदम कंपनी की उन प्रोजेक्ट्स को संभालने की क्षमता को बढ़ाएगा, जिनमें प्रीसिजन वेल्डिंग, पाइपफिटिंग और नेवल डिजाइन जैसे जटिल कार्यों की जरूरत होती है।

इंफ्रास्ट्रक्चर का अधिकतम इस्तेमाल

कंपनी के पास वेस्ट कोस्ट ऑफ इंडिया में एक विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है। इसमें 662 मीटर x 65 मीटर का ड्राई डॉक शामिल है, जिसकी एनुअल फैब्रिकेशन कैपेसिटी 1,64,000 टन है। निवेशकों के लिए यह संकेत है कि कंपनी अपने प्रोडक्शन थ्रूपुट को रैंप-अप (ramp-up) करने की तैयारी में है। शिपबिल्डिंग एक कैपिटल-इंटेंसिव बिजनेस है, जहां समय पर डिलीवरी न होने से कंपनी पर पेनल्टी का भारी रिस्क रहता है, ऐसे में यह हायरिंग मार्जिन को प्रोटेक्ट करने में मदद करेगी।

टैलेंट पाइपलाइन और SWAVALAMBAN इनिशिएटिव

शिपिंग सेक्टर में स्किल्ड लेबर की भारी कमी एक बड़ा रिस्क फैक्टर है, जिससे अक्सर प्रोजेक्ट्स में देरी होती है। इसे काउंटर करने के लिए कंपनी अपने 'SWAVALAMBAN' इनिशिएटिव का इस्तेमाल कर रही है। इसमें एकेडमिक और सरकारी सहयोग के साथ वर्कर्स को ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि हाई-प्रीसिजन स्टैंडर्ड्स को मेंटेन रखा जा सके।

सप्लायर इकोसिस्टम पर असर

डायरेक्ट हायरिंग के अलावा, मैनेजमेंट का अनुमान है कि इससे सप्लाई चेन में लगभग 5,000 अप्रत्यक्ष (indirect) नौकरियां पैदा होंगी। हालांकि, आने वाले समय में निवेशकों के लिए कंपनी की 'ऑर्डर बुक एग्जीक्यूशन' और नई भर्ती किए गए कर्मचारियों के 'प्रोडक्टिविटी स्तर' पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा। यह देखना अहम होगा कि क्या कंपनी बढ़ती मजदूरी और ऑपरेशनल लागत को मैनेज करते हुए अपने फैसिलिटीज का बेहतर यूटिलाइजेशन कर पाती है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.