दिग्गज निवेशक Sunil Singhania ने सरकारी कंपनी BEML में **1.1%** हिस्सेदारी खरीदी है। यह सौदा करीब **₹176.9 करोड़** का है। कंपनी के शानदार Q1 नतीजों और मजबूत ऑर्डर बुक के दम पर यह निवेश किया गया है।
बाजार के दिग्गज का भरोसा
दिग्गज निवेशक सुनील सिंघानिया की फर्म Abakkus Asset Manager ने BEML Limited में 1.1% हिस्सेदारी हासिल की है। करीब ₹176.9 करोड़ के इस निवेश ने बाजार में कंपनी के प्रति संस्थागत निवेशकों का भरोसा बढ़ा दिया है। यह कदम तब उठाया गया है जब कंपनी अपने अब तक के सबसे बेहतरीन तिमाही नतीजों के दौर से गुजर रही है।
टर्नअराउंड की कहानी
रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) के अधीन काम करने वाली BEML ने अपनी ऑपरेशनल क्षमता में जबरदस्त सुधार दिखाया है। कंपनी के रेल और मेट्रो डिवीजन का आउटपुट 178% बढ़ा है। कुल राजस्व (Revenue) में सालाना आधार पर 29% की उछाल आई है और कंपनी ने हाल के वर्षों में पहली बार पॉजिटिव ऑपरेटिंग प्रॉफिट दर्ज किया है।
मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन
कंपनी की ऑर्डर बुक ₹16,000 करोड़ के पार है। मैनेजमेंट ने बताया कि आगे ₹35,000 करोड़ से ₹40,000 करोड़ तक के नए प्रोजेक्ट्स आने की उम्मीद है। इसके अलावा, कंपनी अपने एक्सपोर्ट ऑर्डर को $115 मिलियन से बढ़ाकर फाइनेंशियल ईयर के अंत तक $200 मिलियन तक ले जाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
निवेशकों के लिए सावधानी के संकेत
इतने मजबूत पाइपलाइन के बावजूद, निवेशकों को कंपनी के इतिहास पर नजर रखनी चाहिए। BEML के लिए सबसे बड़ी चुनौती प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना रहा है। डिफेंस और हेवी इंजीनियरिंग सेक्टर में केवल ऑर्डर जीतना काफी नहीं है; लागत पर नियंत्रण रखते हुए समय पर डिलीवरी देना ही असली मुनाफा तय करता है। कैपिटल-इंटेंसिव बिजनेस होने के नाते, छोटी सी भी देरी या कॉस्ट ओवररन कंपनी के बॉटम लाइन पर गहरा असर डाल सकता है। निवेशकों के लिए अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या कंपनी इस ऑर्डर बुक को समय रहते मुनाफे में तब्दील कर पाती है या नहीं।
