Singapore के एक सांसद ने Air India की फंडिंग को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। Air India को अपने टर्नअराउंड प्लान के लिए **$1.5 बिलियन** की जरूरत है, जबकि कंपनी को बीते फाइनेंशियल ईयर में **$2.33 बिलियन** का भारी नुकसान हुआ है।
फंडिंग पर सियासी बहस
Singapore की संसद में Air India को दी जाने वाली मदद को लेकर माहौल गरमा गया है। सांसद Kenneth Tiong ने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या Air India में निवेश के लिए 'Temasek' से जुड़े स्टेट-लिंक्ड फंड का इस्तेमाल किया जा रहा है। दरअसल, Singapore Airlines (SIA) में Temasek की बड़ी हिस्सेदारी है और SIA खुद Air India में 25.1% का स्टेक रखती है।
क्यों है चिंता?
Air India इस वक्त Tata Group की देखरेख में अपने कायापलट (Turnaround) के दौर से गुजर रही है। इस प्रक्रिया को रफ्तार देने के लिए कंपनी $1.5 बिलियन की फ्रेश इक्विटी जुटाने की योजना बना रही है। हालांकि, फाइनेंशियल ईयर मार्च 2026 तक कंपनी और उसकी सहायक एयरलाइन Air India Express का कुल घाटा बढ़कर $2.33 बिलियन पहुंच गया है।
सांसद का तर्क है कि SIA को अपनी वित्तीय जरूरतों को अपने खुद के बैलेंस शीट से पूरा करना चाहिए, न कि सरकारी धन से जुड़ी पूंजी का इस्तेमाल करना चाहिए।
आगे की राह
Tata Group के चेयरमैन N. Chandrasekaran पहले ही कह चुके हैं कि एयरलाइन का यह रिस्ट्रक्चरिंग प्लान एक लंबा सफर है, जिसमें 10 साल तक का समय लग सकता है। अब सभी की नजरें 8 सितंबर 2026 को होने वाले संसदीय सत्र पर टिकी हैं, जहां इस निवेश से जुड़े जोखिमों और एयरलाइन की आर्थिक स्थिति पर चर्चा की जाएगी। मार्केट के जानकारों का मानना है कि यह मामला एयरलाइन सेक्टर में चल रहे कड़े कंपटीशन और भारी लागत के बीच एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।
