Saudi Arabia Missile Site: सॉलिड-फ्यूल मिसाइलें बनाने की तैयारी, al-Duwadimi कॉम्प्लेक्स का विस्तार

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Saudi Arabia Missile Site: सॉलिड-फ्यूल मिसाइलें बनाने की तैयारी, al-Duwadimi कॉम्प्लेक्स का विस्तार

सऊदी अरब अपने al-Duwadimi मिसाइल कॉम्प्लेक्स को अपग्रेड कर रहा है ताकि वहां सॉलिड-फ्यूल मिसाइलों का निर्माण किया जा सके। उम्मीद है कि यह फैसिलिटी **2026** के अंत तक चालू हो जाएगी, जिससे देश की लंबी दूरी की मारक क्षमता बढ़ेगी और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण बदल सकते हैं।

सऊदी अरब ने रियाद से लगभग 125 मील पश्चिम में स्थित al-Duwadimi मिसाइल कॉम्प्लेक्स में अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। अप्रैल 2025 से सितंबर 2026 के बीच की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि वहां कास्टिंग पिट्स और ब्लास्ट-डाइवर्टिंग दीवारों जैसी हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार की जा रही है, जो विशेष रूप से सॉलिड-फ्यूल मिसाइल मोटर्स बनाने के लिए जरूरी होती है।\n\n### सॉलिड-फ्यूल क्यों है खास?\nलिक्विड-फ्यूल मिसाइलों की तुलना में सॉलिड-फ्यूल मिसाइलें न केवल लंबे समय तक सुरक्षित रहती हैं, बल्कि इन्हें बहुत तेजी से लॉन्च भी किया जा सकता है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह नई सुविधा लंबी दूरी के भारी सिस्टम बनाने के लिए तैयार की जा रही है, जिसमें चीनी तकनीक का प्रभाव हो सकता है।\n\n### भू-राजनीतिक चुनौतियां\nयह कदम सऊदी अरब की अपनी रक्षा जरूरतों के लिए पश्चिमी देशों की निर्भरता को कम करने की रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, इस विकास ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं बढ़ा दी हैं। अमेरिका के साथ चल रही असैन्य परमाणु सहयोग वार्ता (civilian nuclear cooperation agreement) पर इस प्रोजेक्ट का असर पड़ सकता है। वाशिंगटन में आलोचकों का मानना है कि इस तरह की तकनीक से परमाणु प्रसार के नियमों और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं।\n\nअब सभी की निगाहें 2026 के अंत पर हैं, जब यह साइट पूरी तरह से ऑपरेशनल हो जाएगी। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि मध्य-पूर्व के देश अब बाहरी खरीद के बजाय अपनी खुद की मिलिट्री-इंडस्ट्रियल बेस को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं।

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