Rossell Techsys Limited ने FY2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3) के लिए अपने नतीजों का ऐलान किया है, जिसमें कंपनी ने ₹130 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा रेवेन्यू हासिल किया है। यह पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 72% की जोरदार बढ़ोतरी है। पिछले नौ महीनों (9 Months) में भी कंपनी का प्रदर्शन शानदार रहा, जहाँ रेवेन्यू 98% बढ़कर ₹343 करोड़ पर पहुंच गया।
📉 वित्तीय नतीजों पर गहरी नज़र
मुख्य आंकड़े:
- रेवेन्यू: Q3 FY25-26 में ₹130 करोड़ (+72% YoY) रहा। नौ महीनों (Nine-month) का रेवेन्यू ₹343 करोड़ (+98% YoY) तक पहुंचा।
- EBITDA: नौ महीनों में EBITDA 118% बढ़कर ₹44 करोड़ हो गया। वहीं, Q3 में EBITDA 13% क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर (QoQ) बढ़कर ₹17.1 करोड़ रहा।
- PBT: नौ महीनों में PBT ₹19.0 करोड़ रहा, जो पिछले साल सिर्फ ₹1.2 करोड़ था। Q3 FY25-26 में टैक्स घटाने के बाद PBT ₹8.2 करोड़ दर्ज किया गया।
कंपनी ने मजबूत ऑपरेशनल क्षमता का प्रदर्शन किया है, जहाँ नौ महीनों के दौरान EBITDA का बढ़ना रेवेन्यू से तेज रहा। PBT में भारी बढ़ोतरी बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी और कॉस्ट मैनेजमेंट या अधिक मार्जिन वाले प्रोजेक्ट्स के एक्जीक्यूशन (Execution) का संकेत देती है। कंपनी के उभरते सेमीकंडक्टर बिजनेस ने अपने पहले क्वालिफाइड क्वार्टर में ही ₹10 करोड़ से अधिक का योगदान दिया है, जो इसके डाइवर्सिफिकेशन (Diversification) में सफलता को दर्शाता है।
मैनेजमेंट की राय और भविष्य की राह:
मैनेजिंग डायरेक्टर ऋषभ गुप्ता (Rishab Gupta) ने विश्वास जताया है कि कंपनी पिछले 14 सालों (FY2024-25 तक) में कमाए गए कुल रेवेन्यू के बराबर कमाई अगले एक से दो सालों में ही हासिल कर लेगी। यह ग्रोथ एयरोस्पेस वर्टिकल (Aerospace Vertical) में मज़बूत प्रदर्शन, सेमीकंडक्टर सेगमेंट में बढ़त और स्पेस प्रोग्राम्स (Space Programs) के वॉल्यूम प्रोडक्शन की ओर बढ़ते कदमों से संभव हो रही है। कंपनी ने ₹200 करोड़ से ज्यादा के फर्म ऑर्डर्स (Firm Orders) हासिल किए हैं और विभिन्न वर्टिकल्स में ₹700 करोड़ के बिड्स (Bids) जमा किए हैं।
🚩 जोखिम और आगे की रणनीति
संभावित जोखिम:
हालांकि, आगे की राह में कुछ चुनौतियां भी हैं। तेजी से ऑपरेशंस बढ़ाने में एग्जीक्यूशन (Execution) की दिक्कतें, खास सेक्टर्स में प्रमुख क्लाइंट्स (Clients) पर निर्भरता और नए प्रोग्राम्स में देरी, खासकर एयरोस्पेस और डिफेंस (Defense) जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में, जोखिम पैदा कर सकती हैं।
भविष्य की योजनाएं:
इन चुनौतियों से निपटने और विकास को रफ्तार देने के लिए Rossell Techsys पहली बार ₹300 करोड़ का Qualified Institutional Placement (QIP) ला रही है। इस फंड का इस्तेमाल फाइनेंसियल स्टेबिलिटी (Financial Stability) को मजबूत करने, ऑपरेशंस को स्केल करने, क्षमताओं को बढ़ाने और ग्लोबल कंपीटिटिवनेस (Global Competitiveness) को बेहतर बनाने में किया जाएगा। कंपनी अतिरिक्त लीज्ड फैसिलिटीज (Leased Facilities) की भी तलाश कर रही है। निवेशक QIP फंड्स के सफल इस्तेमाल, ऑर्डर बुक की लगातार बढ़ोतरी और हाई-टेक इंजीनियरिंग व मैन्युफैक्चरिंग वर्टिकल्स, खासकर सेमीकंडक्टर और स्पेस प्रोग्राम्स में निरंतर प्रदर्शन पर नज़र रखेंगे।
