Rossell Techsys के शेयरों ने ₹1,312.60 का नया रिकॉर्ड हाई बनाया है। कंपनी 18 सितंबर को होने वाली बोर्ड मीटिंग में फंड जुटाने के लिए 'प्रिफरेंशियल इश्यू' पर विचार करेगी। पिछले 6 महीनों में स्टॉक 101% उछल चुका है।
Rossell Techsys के शेयरों में जोरदार तेजी का सिलसिला जारी है। BSE पर कंपनी का शेयर ₹1,312.60 के नए लाइफटाइम हाई पर पहुंच गया है। पिछले छह महीनों की बात करें तो स्टॉक मिड-मार्च 2026 के ₹652.25 के स्तर से करीब 101% की छलांग लगा चुका है। यह उछाल 18 सितंबर 2026 को होने वाली उस बोर्ड मीटिंग के ऐलान के बाद आया है, जिसमें कंपनी फंड जुटाने के लिए प्रिफरेंशियल अलॉटमेंट पर चर्चा करेगी।
प्रिफरेंशियल इश्यू क्यों?
प्रिफरेंशियल अलॉटमेंट का मतलब है कि कंपनी आम जनता के बजाय कुछ चुनिंदा निवेशकों को नए शेयर जारी करेगी। हालांकि फंड की मात्रा अभी तय नहीं है, लेकिन कंपनियां आमतौर पर बड़े विस्तार प्रोजेक्ट्स के लिए ऐसा कदम उठाती हैं।
कंपनी की मौजूदा ग्रोथ और ऑर्डर बुक
एयरोस्पेस, डिफेंस और सेमीकंडक्टर सेक्टर में कंपनी का दबदबा बढ़ रहा है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने ₹485 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था, जिसमें 87% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई। वर्तमान में कंपनी की ऑर्डर विजिबिलिटी ऑल-टाइम हाई पर है, जिसमें ₹800 करोड़ के पक्के ऑर्डर्स और करीब ₹3,000 करोड़ के स्ट्रैटेजिक एग्रीमेंट्स शामिल हैं।
इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी 2,10,000 वर्ग फुट की नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी तैयार कर रही है। आने वाली बोर्ड मीटिंग से यह साफ हो जाएगा कि यह फंड इसी फैसिलिटी के लिए है या वर्किंग कैपिटल के लिए।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
निवेशकों को दो बड़े फैक्टर्स पर नजर रखनी चाहिए:
- डायल्यूशन (Dilution): प्रिफरेंशियल इश्यू से मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी का अनुपात कम हो सकता है।
- रेवेन्यू कंसंट्रेशन: कंपनी का बड़ा बिजनेस अमेरिकी बाजार और कुछ गिने-चुने क्लाइंट्स पर निर्भर है। अगर इन बड़े क्लाइंट्स की खरीदारी की रणनीतियों में कोई बदलाव आता है, तो कंपनी के रेवेन्यू पर असर पड़ सकता है।
फिलहाल, मार्केट को उस मीटिंग के नतीजों का इंतजार है जिसमें फंड की रकम और प्राइस का खुलासा होगा।
