Raymond Limited के शेयरों में आज जबरदस्त जोश देखने को मिला और यह **₹1,196.75** के अपने नए ऑल-टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया। इस तेजी के पीछे कंपनी का डिफेंस सेक्टर में कदम रखना है, जहां कंपनी अब फाइटर जेट्स के लिए स्ट्रक्चरल असेंबली का काम संभालेगी।
डिफेंस सेक्टर में धमाकेदार एंट्री
Raymond के शेयरों में आई यह तूफानी तेजी पिछले 4 हफ्तों में 95% के उछाल के साथ जारी है। इस तेजी की मुख्य वजह है Raymond Group की सब्सिडियरी कंपनी JK Maini Global Aerospace का वह नया कॉन्ट्रैक्ट, जिसके तहत कंपनी स्वदेशी फाइटर जेट्स के विंग और फ्यूजलेज स्ट्रक्चर को असेंबल करेगी। यह टेक्सटाइल बिजनेस से निकलकर अब हाई-वैल्यू डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में कंपनी का बड़ा बदलाव है।
एसेट-लाइट मॉडल की रणनीति
कंपनी ने इस बिजनेस में उतरने के लिए एक स्मार्ट 'एसेट-लाइट' अप्रोच चुनी है। कंपनी भारी मशीनरी या प्लांट में भारी निवेश करने के बजाय ग्राहक के मौजूदा इन्फ्रास्ट्रक्चर का ही इस्तेमाल करेगी। इससे भारी इंजीनियरिंग सेक्टर में अक्सर होने वाले बड़े शुरुआती खर्चों से बचा जा सकेगा।
लंबी अवधि का विजन और ऑर्डर बुक
Raymond अपनी पुरानी टेक्सटाइल पहचान को बदलकर इंजीनियरिंग सेक्टर को ग्रोथ का मुख्य इंजन बना रही है। कंपनी की 10 साल की ऑर्डर बुक ₹5,960 करोड़ के पार पहुंच गई है, साथ ही ₹1,632 करोड़ के एडिशनल प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to Monitor)
हालांकि डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट्स में संभावनाएं बड़ी हैं, लेकिन निवेशकों को यह याद रखना चाहिए कि ये कंज्यूमर गुड्स की तरह नहीं होते। इनके लिए क्वालिटी के कड़े मानक, लंबी डेवलपमेंट साइकिल और जटिल सप्लाई चेन की जरूरत होती है। किसी भी तरह की देरी कंपनी के रेवेन्यू पर असर डाल सकती है। फिलहाल बाजार की नजर इस बात पर है कि कंपनी अपने इस नए इंजीनियरिंग वर्टिकल में मार्जिन को कैसे मैनेज करती है और प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा कर पाती है या नहीं।
