Raymond की एयरोस्पेस यूनिट ने एक बड़ा घरेलू डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है, जिससे कंपनी को सालाना **₹33 करोड़** का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है। यह डील कंपनी के लिए एक्सपोर्ट-निर्भरता को कम करने वाला एक बड़ा कदम है।
डिफेंस सेक्टर में नई पारी
Raymond Limited की एयरोस्पेस सब्सिडियरी ने घरेलू रक्षा बाजार में अपनी पैठ मजबूत कर ली है। कंपनी को मिले इस नए कॉन्ट्रैक्ट के तहत 300 से ज्यादा तरह के पार्ट्स और कंपोनेंट्स बनाए जाएंगे। कंपनी का लक्ष्य सालाना 37,000 से अधिक यूनिट्स का उत्पादन करना है, जिससे सालाना ₹33 करोड़ का रेवेन्यू जुड़ने की उम्मीद है। यह प्रोडक्शन 2026 और 2027 तक पूरी तरह से रफ्तार पकड़ लेगा।
कारोबार में बड़ा बदलाव
अब तक Raymond का एयरोस्पेस कारोबार मुख्य रूप से एक्सपोर्ट पर टिका था, लेकिन इस ऑर्डर के साथ कंपनी ने घरेलू बाजार में एंट्री ले ली है। एयरोस्पेस डिवीजन का प्रदर्शन काफी दमदार रहा है, जिसने चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में 40% की सालाना ग्रोथ के साथ ₹123 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है। कंपनी के पास कुल ऑर्डर बुक अब ₹5,960 करोड़ के पार पहुंच गई है।
निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?
ऑर्डर मिलना अच्छी खबर है, लेकिन बाजार की नजर कंपनी के फाइनेंशियल मैनेजमेंट पर टिकी है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का फ्री कैश फ्लो ₹72 करोड़ नेगेटिव रहा था। डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट्स में मशीनरी और इन्वेंट्री पर भारी खर्च करना पड़ता है, जो कंपनी के कैश रिजर्व पर दबाव डाल सकता है। साथ ही, 2 साल की प्रोडक्शन टाइमलाइन और क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को पूरा करने का एग्जीक्यूशन रिस्क भी बना हुआ है।
मार्केट का रिएक्शन
इस खबर के बाद निवेशकों का उत्साह साफ दिखा और शेयर 17% की उछाल के साथ ₹1,002.80 पर बंद हुआ। फिलहाल शेयरहोल्डर्स अब मैनेजमेंट की उस कमेंट्री का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें वे बताएंगे कि कैसे वे इस घरेलू ऑर्डर को अपने मौजूदा एक्सपोर्ट बिजनेस के साथ तालमेल बिठाकर मार्जिन को बेहतर बनाएंगे।
