Andhra Pradesh में बनेगी नई एयरोस्पेस और डिफेंस फैसिलिटी
Raghu Vamsi Machine Tools (RVMT) ने Andhra Pradesh Economic Development Board (APEDB) के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) साइन किया है। यह नई फैसिलिटी 100 एकड़ की होगी और इसमें ₹500 करोड़ का इन्वेस्टमेंट होगा। इस प्रोजेक्ट से करीब 1,000 डायरेक्ट और 2,000 इनडायरेक्ट Jobs पैदा होंगे, जिससे रीजनल इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा। खास बात यह है कि यह फैसिलिटी माइक्रो टर्बोजेट इंजन (Micro Turbojet Engines), अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAVs) और प्रिसिजन इंजीनियरिंग (Precision Engineering) जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी पर फोकस करेगी, जिसमें टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (Testing Infrastructure) भी शामिल होगा।
भारत का डिफेंस मार्केट दिख रहा है मजबूत
यह कदम भारत के तेजी से बढ़ते एयरोस्पेस और डिफेंस (A&D) मार्केट के बीच आया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 से 2032 तक यह मार्केट 7.4% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा। इस ग्रोथ की वजह सरकार का 'मेक इन इंडिया' (Make in India) और 'आत्मनिर्भर भारत' (Atmanirbhar Bharat) जैसे इनिशिएटिव्स, डिफेंस बजट में बढ़ोतरी और ग्लोबल जियोपॉलिटिकल टेंशन हैं। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के बजट में डिफेंस के लिए ₹6.81 लाख करोड़ रखे गए हैं, जिसमें से बड़ा हिस्सा घरेलू खरीद पर खर्च होगा। भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट (Defence Exports) 2030 तक ₹50,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
Andhra Pradesh बनना चाहता है डिफेंस हब
Andhra Pradesh खुद को एक बड़ा डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब (Defence Manufacturing Hub) बनाना चाहता है। राज्य की नई एयरोस्पेस और डिफेंस पॉलिसी 4.0 (2025-2030) के तहत, अगले 5 साल में ₹1 लाख करोड़ का निवेश और 1 लाख Jobs लाने का लक्ष्य है। RVMT की यह नई यूनिट राज्य के इसी डिफेंस इकोसिस्टम का हिस्सा बनेगी और प्रोपल्शन (Propulsion) और ऑटोनोमस सिस्टम्स (Autonomous Systems) के डेवलपमेंट में मदद करेगी।
RVMT का हाई-टेक डिफेंस में कदम
Raghu Vamsi Machine Tools ने फाइनेंशियल ईयर 25 में ₹361 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जबकि फाइनेंशियल ईयर 24 में यह ₹100-500 करोड़ के बीच था। माइक्रो टर्बोजेट इंजन और UAVs जैसे हाई-टेक डिफेंस सेगमेंट में एंट्री, कंपनी के मौजूदा इंडस्ट्रियल मशीनरी मैन्युफैक्चरिंग (Industrial Machinery Manufacturing) फोकस से काफी अलग है। यहां RVMT को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स (TASL) जैसे बड़े और स्थापित प्लेयर्स से मुकाबला करना होगा, जिनके पास इस सेक्टर में काफी अनुभव है।
डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में चुनौतियां और कंपटीशन
हालांकि, RVMT के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। डिफेंस सेक्टर में हाई-रिस्क R&D के लिए जरूरी लंबा कैपिटल (Long-term Capital) जुटाना प्राइवेट कंपनी के लिए मुश्किल हो सकता है। RVMT को जेट इंजन और UAVs जैसे क्रिटिकल कंपोनेंट्स के लिए अपनी टेक्नोलॉजी (Technology) और क्वालिटी कंट्रोल (Quality Control) को काफी अपग्रेड करना होगा। डिफेंस सेक्टर में अक्सर सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स (Government Contracts) और पॉलिसी पर निर्भरता रहती है, जिसमें देरी और प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आम है। कुछ एनालिस्ट्स (Analysts) का मानना है कि डिफेंस स्टॉक्स (Defence Stocks) में हालिया तेजी पहले से ही फ्यूचर ग्रोथ को प्राइस-इन कर चुकी है, जिससे वैल्यूएशन पर सवाल उठते हैं।