US डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस ने RTX Corporation को AMRAAM मिसाइल बनाने के लिए **$20.7 बिलियन** का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट दिया है। इस डील के साथ कंपनी का ऑर्डर बुक और मजबूत हो गया है, लेकिन निवेशक फंडिंग की अनिश्चितताओं को लेकर सतर्क हैं।
अमेरिकी रक्षा विभाग ने RTX Corporation की यूनिट Raytheon के साथ $20.7 बिलियन का एक बड़ा प्रोविजनल एग्रीमेंट साइन किया है। इसका मुख्य मकसद हवा से हवा में मार करने वाली AMRAAM मिसाइलों का प्रोडक्शन बढ़ाना है। यह फैसला 'आर्सेनल ऑफ फ्रीडम' पहल का हिस्सा है, ताकि ग्लोबल डिफेंस जरूरतों के लिए सप्लाई चेन को मजबूत किया जा सके।
बड़ा ऑर्डर बुक और नई चुनौतियां
दिलचस्प बात यह है कि महज एक दिन पहले, 1 अक्टूबर 2026 को Raytheon ने SM-6 इंटरसेप्टर मिसाइलों के लिए $24.4 बिलियन का अलग कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया था। इन दोनों बड़ी डील्स से कंपनी का ऑर्डर बुक तो भर गया है, लेकिन इसके साथ ही कुछ वित्तीय चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।
निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?
ये कॉन्ट्रैक्ट्स फिलहाल प्रोविजनल हैं, यानी इनकी पूरी सफलता अमेरिकी कांग्रेस द्वारा मिलने वाली फंडिंग पर निर्भर करती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इतनी बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने (लक्ष्य 1,900 AMRAAM प्रति वर्ष) के लिए कंपनी को इन्फ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग पर भारी खर्च करना होगा। इस भारी निवेश के कारण कंपनी के शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।
फिलहाल, RTX का शेयर $187 से $189 के दायरे में ट्रेड कर रहा है। आने वाले समय में निवेशकों के लिए कांग्रेस से मिलने वाली फंडिंग की टाइमलाइन और मैनेजमेंट की कमेंट्री यह तय करेगी कि यह ग्रोथ कंपनी के शेयरहोल्डर्स के लिए कितनी फायदेमंद साबित होती है।
