एयरोस्पेस दिग्गज Pratt & Whitney ने भारत में अपनी सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए Bharat Forge और Godrej जैसी कंपनियों के साथ **$4 करोड़** से अधिक के कॉन्ट्रैक्ट साइन किए हैं।
एयरोस्पेस इंजन बनाने वाली दिग्गज कंपनी Pratt & Whitney ने भारत में अपने मैन्युफैक्चरिंग फुटप्रिंट को विस्तार देते हुए कई मल्टी-ईयर सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स का ऐलान किया है। इन समझौतों की कुल वैल्यू $4 करोड़ से ज्यादा है। इस डील में Bharat Forge, Godrej, IAMPL और Indo MIM जैसे बड़े नाम शामिल हैं। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक भारत से सालाना $15 करोड़ की सोर्सिंग करना है।\n\n### लोकल एयरोस्पेस वैल्यू चेन का निर्माण\n\nकंपनी सिर्फ असेंबली तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि पूरी मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू चेन को भारत लाना चाहती है। इसमें कच्चे माल जैसे बार, बिलेट्स, कास्टिंग और फोर्जिंग से लेकर प्रिसिजन मशीनिंग तक शामिल है। इसकी पेरेंट कंपनी RTX पहले ही पिछले 5 वर्षों में भारत के डिजिटल, इंजीनियरिंग और ऑपरेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर में $24 करोड़ का निवेश कर चुकी है।\n\n### घरेलू मैन्युफैक्चरर्स के लिए चुनौतियां\n\nहालांकि यह विस्तार नए अवसर लेकर आया है, लेकिन एयरोस्पेस सेक्टर में चुनौतियां भी कम नहीं हैं। एयरोस्पेस-ग्रेड पुर्जे बनाना काफी महंगा है और इसके लिए कड़े इंटरनेशनल सर्टिफिकेशन, लंबे इन्वेस्टमेंट साइकिल और विशेष सामग्री की आवश्यकता होती है। Pratt & Whitney के कंट्री हेड आशीष सर्राफ ने माना है कि इन लागतों को प्रबंधित करने के लिए सेक्टर-स्पेसिफिक PLI (प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव) स्कीम की जरूरत है।\n\nनिवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या भारतीय कंपनियां ग्लोबल मानकों पर खरा उतर पाती हैं और क्या सरकार की ओर से उन्हें जरूरी पॉलिसी सपोर्ट मिलता है।
