बेंगलुरु की स्पेस टेक कंपनी Pixxel ने अमेरिका में अपनी नई सब्सिडियरी 'Pixxel Federal' लॉन्च कर दी है। इस कदम का मकसद अमेरिकी डिफेंस और इंटेलिजेंस एजेंसियों से बड़े सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करना है।
बेंगलुरु स्थित स्पेस टेक स्टार्टअप Pixxel अब अपनी पहुंच का दायरा बढ़ाते हुए वाशिंगटन डीसी में 'Pixxel Federal' के नाम से एक नई यूनिट स्थापित कर रहा है। इसका सीधा उद्देश्य NASA और National Reconnaissance Office (NRO) जैसी अमेरिकी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करना और डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट्स को अपने नाम करना है।
नई टीम और नेतृत्व
इस बड़े विस्तार की कमान संभालने के लिए कंपनी ने National Geospatial-Intelligence Agency की पूर्व अधिकारी Allyson Jenkins को CEO नियुक्त किया है। साथ ही, US Army, Northrop Grumman और CIA के दिग्गजों को भी एडवाइजरी बोर्ड में शामिल किया गया है। यह अनुभवी टीम अमेरिकी सरकार की जटिल सुरक्षा प्रक्रियाओं और कड़े नियमों को संभालने में मदद करेगी।
हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग की ताकत
Pixxel का पूरा दारोमदार उसकी 'हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग' टेक्नोलॉजी पर है। सामान्य कैमरों के उलट, यह तकनीक जमीन पर मौजूद चीजों की बनावट, रसायनों के रिसाव और यहां तक कि छिपी हुई वस्तुओं का पता लगाने में सक्षम है। फिलहाल कंपनी के 6 सैटेलाइट्स ऑर्बिट में हैं और हाल ही में जुटाए गए $100 मिलियन के सीरीज सी फंडिंग का इस्तेमाल कंपनी अपनी सैटेलाइट संख्या बढ़ाने और सॉफ्टवेयर को और एडवांस बनाने में कर रही है।
चुनौतियां और जोखिम
हालांकि, सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स का रास्ता आसान नहीं है। इन बड़े सौदों के लिए लंबी सुरक्षा जांच और टेस्टिंग से गुजरना पड़ता है, जिसमें उम्मीद से ज्यादा समय लग सकता है। साथ ही, भारी कैपिटल खर्च को देखते हुए निवेशकों की नजर अब इस पर होगी कि क्या कंपनी अपनी टेक्नोलॉजी को बिना लगातार फंड की जरूरत के रेवेन्यू में बदल पाती है या नहीं।
