अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) ने बड़ा कदम उठाते हुए **2027** तक अपने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों (Generals) की संख्या में **20%** की कमी करने का फैसला किया है। इसके साथ ही, भविष्य की जंग के लिए एक नया ऑटोनॉमस वॉरफेयर कमांड बनाया जाएगा।
सैन्य नेतृत्व में बड़ा बदलाव
रक्षा सचिव Pete Hegseth ने सभी सैन्य शाखाओं को निर्देश दिया है कि 1 जनवरी 2027 तक जनरल और एडमिरल स्तर के अधिकारियों की संख्या में 20% की कटौती की जाए। इस फैसले से लगभग 800 पद प्रभावित होंगे। पेंटागन का तर्क है कि वे इन खाली होने वाले पदों को न भरकर इस लक्ष्य को हासिल करेंगे, जिससे कांग्रेस से नई मंजूरी लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ड्रोन और रोबोटिक तकनीक पर जोर
एक तरफ जहां वरिष्ठ पदों की संख्या घट रही है, वहीं अमेरिका अब पूरी तरह से 'ऑटोनॉमस और रोबोटिक वॉरफेयर' की ओर मुड़ रहा है। इसके लिए एक नया चार-स्टार कमांड स्थापित किया जा रहा है, जिसका मुख्य काम ड्रोन और मानवरहित प्रणालियों को सेना में तेजी से शामिल करना है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ग्लोबल डिफेंस इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा संकेत है, जहाँ कंपनियां अब तकनीक-आधारित हथियारों में भारी निवेश कर रही हैं।
सप्लाई चेन पर दबाव और चुनौतियां
यह प्रशासनिक बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान के साथ तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में मिसाइल इंटरसेप्टर्स की भारी खपत हो रही है। इस वजह से डिफेंस कॉन्ट्रैक्टर्स पर स्टॉकपाइल (मिसाइल भंडार) को दोबारा भरने का भारी दबाव है। सप्लाई चेन की बाधाओं और मटेरियल की कमी के बीच यह रिप्लेनिशमेंट साइकिल ग्लोबल डिफेंस शेयरों के लिए एक अहम फैक्टर बना हुआ है।
राजनीतिक विरोध के सुर
इस फैसले का कुछ सांसदों ने विरोध भी किया है। 'सीनेट आर्म्ड सर्विसेज कमेटी' के सदस्यों को डर है कि अनुभवी नेतृत्व को अचानक हटाने से सैन्य परिचालन क्षमता और संस्थागत ढांचे पर बुरा असर पड़ सकता है। हालांकि, सचिव Hegseth इसे जवाबदेही तय करने की दिशा में एक जरूरी कदम बता रहे हैं। बाजार की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि क्या यह नया कमांड डिफेंस खर्चों को सुव्यवस्थित करेगा या सिस्टम अपग्रेड में देरी पैदा करेगा।
