Paras Defence के शेयरों में आज ज़बरदस्त तेज़ी देखी गई, जो 10% उछलकर ₹1,527.65 के 52-हफ्ते के नए हाई पर पहुंच गए। भारी वॉल्यूम के साथ हुए इस ट्रेड ने निवेशकों को खुश कर दिया है। मार्च के निचले स्तरों से यह स्टॉक पहले ही 163% का रिटर्न दे चुका है, और इसके पीछे कंपनी की सेमीकंडक्टर में विस्तार की योजनाएं और डिविडेंड का ऐलान है। हालांकि, बड़े निवेश की ज़रूरत पर नज़र रखनी होगी।
Paras Defence ने बनाया नया रिकॉर्ड
Paras Defence and Space Technologies के शेयरों ने मंगलवार को ज़बरदस्त प्रदर्शन किया और 10% की तेज़ी के साथ ₹1,527.65 के 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर को छू लिया। इस तूफानी तेज़ी में ट्रेडिंग वॉल्यूम भी काफी ज़्यादा रहा, जिसमें 55.5 लाख से ज़्यादा शेयर खरीदे-बेचे गए। गौर करने वाली बात यह है कि मार्च 2026 में अपने ₹580 के 52-हफ्ते के निचले स्तर से यह स्टॉक अब तक करीब 163% का शानदार रिटर्न दे चुका है।
सेमीकंडक्टर में बड़ा दांव
निवेशकों की दिलचस्पी की एक बड़ी वजह कंपनी का सेमीकंडक्टर (Semiconductor) सेक्टर में कदम रखना है। 22 जुलाई, 2026 को, Paras Semiconductors (एक संबंधित कंपनी) ने मध्य प्रदेश सरकार के साथ मिलकर एक Outsourced Semiconductor Assembly and Test (OSAT) फैसिलिटी लगाने का एग्रीमेंट किया है। इस प्रोजेक्ट में लगभग ₹6,200 करोड़ का भारी निवेश होने की उम्मीद है। यह कदम कंपनी को भारत के बढ़ते सेमीकंडक्टर बाज़ार में एक मजबूत स्थिति देगा, लेकिन यह कंपनी के मौजूदा आकार की तुलना में एक बहुत बड़ा कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) है। निवेशकों की नज़र इस बात पर रहेगी कि कंपनी इस बड़े प्रोजेक्ट को कैसे फंड करती है और बिना अपने बैलेंस शीट पर दबाव डाले इसे कैसे पूरा करती है।
कोर बिज़नेस और डिविडेंड
सेमीकंडक्टर योजनाओं के अलावा, कंपनी अपने मुख्य बिज़नेस, यानी ऑप्टिक्स (Optics) और ऑप्ट्रोनिक सिस्टम्स (Optronic Systems), और डिफेंस इंजीनियरिंग (Defence Engineering) पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी सबमरीन के लिए ऑप्ट्रोनिक पेरिस्कोप (Optronic Periscopes) बनाने वाली एक खास निर्माता है, जो डिफेंस सेक्टर में इसे एक अनोखी बढ़त देता है। शेयरधारकों को तोहफा देते हुए, कंपनी ने 2025-26 के फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹1 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) भी घोषित किया है। यह डिविडेंड अगस्त के आखिर में दिया जाएगा, जो रिटेल और इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए एक और आकर्षण है।
सेक्टर ट्रेंड्स और रिस्क
Paras Defence का विकास सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल से जुड़ा हुआ है, जिसका मकसद डिफेंस और स्पेस सेक्टर में घरेलू खरीद को बढ़ावा देना है। यह पॉलिसी घरेलू निर्माताओं के लिए एक मजबूत सहारा है, लेकिन यह सेक्टर पॉलिसी में बदलाव और एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk) के अधीन भी है। मौजूदा तेजी की सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी नए प्रोजेक्ट्स की भारी पूंजी की ज़रूरतों को संतुलित करते हुए अपने प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margin) को कैसे बनाए रखती है। निवेशकों को प्रोजेक्ट के माइलस्टोन (Milestone), सेमीकंडक्टर फैसिलिटी की टाइमलाइन और आने वाले नतीजों में ऑर्डर एग्जीक्यूशन (Order Execution) पर कड़ी नज़र रखनी चाहिए।
