Paras Defence and Space Technologies ने भारत में Guardian-1 काउंटर-ड्रोन सिस्टम बनाने के लिए लाइसेंसिंग एग्रीमेंट साइन किया है। हालांकि, पाकिस्तान आर्मी के साथ पुराने करार और अमेरिकी पार्टनर की ओनरशिप को लेकर कंपनी सवालों के घेरे में है।
टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और डील की शर्तें
Paras Defence and Space Technologies ने अमेरिकी कंपनी Autonomous Power Corporation की सब्सिडियरी, Tandem Defense LLC के साथ एक इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी लाइसेंसिंग एग्रीमेंट किया है। इस डील के तहत Paras Defence को भारतीय बाजार में Guardian-1 काउंटर-ड्रोन सिस्टम बनाने और बेचने के विशेष अधिकार मिल गए हैं। यह समझौता फिलहाल किसी सरकारी ऑर्डर के बजाय कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित है।
इस 12 महीने के शुरुआती कॉन्ट्रैक्ट में फिक्स्ड लाइसेंस फीस और घरेलू बिक्री से होने वाले मुनाफे को साझा करने का प्रावधान रखा गया है। यह प्लेटफॉर्म बैटरी-पावर्ड है और कम लागत वाले हवाई खतरों को बेअसर करने में सक्षम है।
अमेरिकी पार्टनर का नया गणित
निवेशकों को यह भी ध्यान रखना होगा कि इसके अमेरिकी पार्टनर, Autonomous Power Corporation, का मर्जर Nasdaq-लिस्टेड Aureus Greenway Holdings के साथ हो रहा है। अक्टूबर में पूरा होने वाले इस मर्जर से Powerus Corporation नाम की नई कंपनी बनेगी, जिसमें मौजूदा शेयरधारकों की 83% हिस्सेदारी बनी रहेगी। इस सौदे से जुड़ी कंपनी American Ventures का नाम भी चर्चा में है, जिसके तार पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परिवार से जुड़े बताए जा रहे हैं।
पाकिस्तान कनेक्शन और रिस्क फैक्टर
सबसे बड़ा सवाल कंपनी के इंटरनेशनल पोर्टफोलियो को लेकर उठ रहा है। Paras Defence पहले ही पाकिस्तान आर्मी के साथ एक ऑर्डर और एमओयू (MoU) का खुलासा कर चुकी है। एक ही कंपनी का भारत और पाकिस्तान, दोनों देशों के डिफेंस सेक्टर में सक्रिय रहना निवेशकों के लिए एक जटिल स्थिति पैदा कर रहा है। आने वाले समय में कंपनी इस ग्लोबल बैलेंस को कैसे संभालती है और इसका असर भविष्य के सरकारी प्रोजेक्ट्स पर क्या पड़ेगा, यह देखना अहम होगा।
