डीप टेक कंपनी Optimized Group ने अपने कारोबार की दिशा बदल दी है। कंपनी अब डिफेंस सेक्टर पर बड़ा दांव लगा रही है और अगले पांच सालों में कुल कमाई का 50% हिस्सा इसी सेक्टर से जुटाने की तैयारी में है।
डिफेंस की ओर बढ़ते कदम
Optimized Group ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अब तक स्पेस और न्यूक्लियर सेक्टर में काम करने वाली यह कंपनी अब डिफेंस को अपना मुख्य कारोबार बनाने जा रही है। कंपनी अपने लंबे समय से चल रहे रिसर्च प्रोजेक्ट्स को अब बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग (full-scale manufacturing) में बदल रही है।
नई फैसिलिटी और एक्सपेंशन
इस ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए कंपनी 100,000 स्क्वायर फीट की नई इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट फैसिलिटी बना रही है। इस प्लांट में 500 किलोग्राम तक वजन वाले Low Earth Orbit (LEO) सैटेलाइट्स को असेंबल करने की सुविधा होगी। इसके अलावा, यहां रडार और ड्रोन-रोधी सिस्टम (counter-unmanned aerial vehicle) पर भी काम होगा। कंपनी का कहना है कि अगले 2 सालों तक उनका कोई IPO लाने का प्लान नहीं है और सारा खर्च इंटरनल कैश और सरकारी प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग से पूरा किया जाएगा।
ग्लोबल मार्केट पर नजर
कंपनी अपने एक्सपोर्ट को मौजूदा 10% से बढ़ाकर अगले 24 महीनों में 20% तक ले जाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके लिए दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका जैसे बाजारों पर खास फोकस है। कंपनी अब सिर्फ छोटे कंपोनेंट्स के बजाय 'इंटीग्रेटेड सिस्टम सॉल्यूशंस' बेचने पर ध्यान दे रही है, जैसे कि उनके एडवांस इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ऑब्जर्वेशन सिस्टम्स।
रिस्क फैक्टर और चुनौतियां
हालांकि, कंपनी की राह में कुछ चुनौतियां भी हैं। आरएंडडी (R&D) से बड़े पैमाने पर उत्पादन की ओर बढ़ना आसान नहीं होता। इसके अलावा, कंपनी अभी भी फ्रांस, इजरायल और अमेरिका जैसे देशों से हाई-प्रिसिजन टेक्नोलॉजी आयात करने पर निर्भर है। अगर कंपनी समय रहते स्थानीय विकल्प नहीं तलाश पाती है, तो ग्लोबल सप्लाई चेन में दिक्कतें आने पर मुनाफा प्रभावित हो सकता है। निवेशकों के लिए कंपनी की प्रोडक्शन क्षमता और नए डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट्स पर नजर रखना जरूरी होगा।
