जापान की एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स ने सितंबर में क्रैश हुए RQ-4B Global Hawk ड्रोन को निकालने का मिशन शुरू किया है। इस घटना ने Northrop Grumman के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिसका स्टॉक हाल ही में **$482** के 52-वीक लो पर आ गया है।
ड्रोन क्रैश से बढ़ा दबाव
जापान की एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स ने 2 अक्टूबर, 2026 को उस RQ-4B Global Hawk ड्रोन को समुद्र से निकालने का ऑपरेशन शुरू किया है, जो सितंबर के मध्य में टोत्तोरी तट के पास क्रैश हो गया था। करीब $107 मिलियन की कीमत वाले इस सर्विलांस एयरक्राफ्ट का संपर्क मिसावा एयर बेस से उड़ान भरने के 90 मिनट बाद ही टूट गया था। जापान सरकार ने फिलहाल अपने बाकी ग्लोबल हॉक फ्लीट को ग्राउंड कर दिया है ताकि तकनीकी जांच पूरी की जा सके।
शेयर में गिरावट की असली वजह
Northrop Grumman के लिए यह खबर एक कठिन समय पर आई है। कंपनी का शेयर 1 अक्टूबर, 2026 को गिरकर $482.00 के 52-वीक लो पर पहुंच गया। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण है U.S. Navy का F/A-XX कॉन्ट्रैक्ट हारना, जो उनके प्रतिद्वंद्वी Boeing के हाथ लग गया। इस बड़े प्रोजेक्ट के हाथ से निकलने से निवेशक कंपनी के भविष्य के पाइपलाइन को लेकर चिंतित हैं।
फाइनेंशियल हेल्थ का हाल
बाजार के दबाव के बावजूद, कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन स्थिर बना हुआ है। साल 2026 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने 5% की सालाना सेल्स ग्रोथ के साथ $10.9 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया था। हालांकि, अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या कंपनी अपनी प्रॉफिट मार्जिन को बरकरार रख पाएगी, खासकर जब उसे Boeing जैसी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है और कैपिटल खर्च की जरूरतें बढ़ रही हैं।
आगे देखना होगा कि जापान की जांच में ड्रोन की विफलता की क्या तकनीकी वजह निकलती है, जो कंपनी की ग्लोबल सप्लाई ऑब्लिगेशन को प्रभावित कर सकती है।
