नतीजों का असर और ऑर्डर बुक में उछाल
इस दमदार परफॉरमेंस के पीछे सबसे बड़ा हाथ कंपनी की लगातार बढ़ती ऑर्डर बुक का है, जो अब ₹23.95 अरब पर पहुंच गई है। यह पिछले साल के मुकाबले 2.3 गुना ज्यादा है और पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 85% का भारी उछाल देखा गया है। यह साफ दर्शाता है कि कंपनी के स्पेशलाइज्ड मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट में मांग तेजी से बढ़ रही है।
Q3 परफॉरमेंस पर ब्रोकरेज की राय
Motilal Oswal जैसे ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस MTAR Technologies के भविष्य को लेकर काफी बुलिश (bullish) हैं। ब्रोकरेज फर्म ने स्टॉक पर अपनी 'BUY' रेटिंग को बरकरार रखा है और शेयर के लिए ₹3,900 का एक मजबूत टारगेट प्राइस तय किया है।
भविष्य की ग्रोथ का अनुमान
Motilal Oswal का अनुमान है कि MTAR Technologies फाइनेंशियल ईयर 2025 से 2028 के बीच रेवेन्यू में 40% और EBITDA में 55% की सालाना चक्रवृद्धि वृद्धि (CAGR) दर्ज कर सकती है। इसी के साथ, एडजस्टेड PAT में भी 78% का शानदार CAGR देखने को मिल सकता है। ब्रोकरेज ने 40x FY28 अनुमानित EPS पर 40x का मल्टीपल लगाया है, जिससे PEG रेश्यो 0.7 आता है, जो भविष्य में और ग्रोथ की संभावनाओं की ओर इशारा करता है।
डिफेंस, एयरोस्पेस और न्यूक्लियर सेक्टर में बढ़त
कंपनी की इस ग्रोथ का एक बड़ा कारण भारत के डिफेंस, एयरोस्पेस और न्यूक्लियर एनर्जी प्रोग्राम्स में स्पेशलाइज्ड मैन्युफैक्चरिंग की बढ़ती मांग है। सरकारी पहलों और प्राइवेट सेक्टर के बढ़ते निवेश से इन क्षेत्रों में स्पेशल कंपोनेंट्स और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं की जरूरत बढ़ी है। भारतीय न्यूक्लियर एनर्जी सप्लाई चेन को सरकार के लंबे समय के भरोसे और भारी निवेश का फायदा मिल रहा है। इसके अलावा, ग्रीन हाइड्रोजन को बढ़ावा देने वाली नीतियों के कारण फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी नए अवसर खुल रहे हैं।
बाजार की प्रतिक्रिया
हालांकि, 2 फरवरी 2026 को जब ये नतीजे जारी हुए, तब शेयर बाजार में इसकी प्रतिक्रिया कुछ धीमी रही। शेयर में मामूली गिरावट दर्ज की गई, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम सामान्य बना रहा। ऐसे में यह समझना महत्वपूर्ण है कि कंपनी की मार्केट कैप लगभग ₹8,100 करोड़ थी और उस समय इसका ट्रेलिंग P/E रेश्यो 51.5x था।