Q3 के दमदार नतीजों ने भरी उड़ान
कंपनी ने अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें ₹34.7 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया गया। यह पिछले साल की इसी तिमाही के ₹16 करोड़ की तुलना में 117% की भारी बढ़ोतरी है। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) भी 59.3% बढ़कर ₹278 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹174.5 करोड़ था। यह MTAR के इतिहास की सबसे अच्छी तिमाही रेवेन्यू परफॉर्मेंस रही। इसी के साथ, कंपनी का EBITDA मार्जिन भी दोगुना से ज़्यादा होकर ₹64 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹33 करोड़ था। 31 दिसंबर 2025 तक, कंपनी की ऑर्डर बुक ₹2,394.90 करोड़ की मजबूत स्थिति में थी, जिसमें इस तिमाही में ₹1,368.8 करोड़ के नए ऑर्डर शामिल हैं। इन शानदार नतीजों के दम पर शेयर ने ₹3,540 का नया इंट्राडे हाई (intraday high) बनाया, जबकि BSE Sensex में मामूली 0.21% की बढ़ोतरी देखी गई।
सेक्टर की तेजी और वैल्यूएशन का सवाल
भारतीय एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में सरकारी खर्च में बढ़ोतरी, आधुनिकीकरण की पहल और 'मेक इन इंडिया' जैसी नीतियों के कारण जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। अनुमान है कि यह मार्केट 2035 तक 61 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। इसी तरह, क्लीन एनर्जी सेक्टर भी तेजी से बढ़ रहा है, जिसके 2034 तक 52.58 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। MTAR Technologies इन बड़े और तेज़ी वाले सेक्टर्स में अपनी मौजूदगी का फायदा उठा रहा है। पिछले एक साल में शेयर ने 108% से ज़्यादा का रिटर्न दिया है।
हालांकि, इस तूफानी तेजी के चलते कंपनी के वैल्यूएशन मल्टीपल्स (valuation multiples) काफी बढ़ गए हैं। MTAR Technologies का मौजूदा P/E रेश्यो (Price-to-Earnings ratio) लगभग 155-165 गुना है, जो इंडस्ट्री के कई एवरेज और कॉम्पिटिटर्स से कहीं ज़्यादा है। कंपनी का P/S रेश्यो (Price-to-Sales ratio) भी 13.4x है, जो इंडस्ट्री एवरेज 2.4x और पीयर एवरेज 7.2x से काफी ऊपर है। पिछले तीन सालों में कंपनी का रेवेन्यू तो बढ़ा है, लेकिन प्रॉफिट ग्रोथ पिछले तीन सालों में -4.01% की निगेटिव ग्रोथ दिखाती है। Return on Equity (ROE) भी पिछले कुछ सालों में लगभग 7-11% के आसपास ही रहा है, जो कैपिटल एफिशिएंसी पर सवाल उठाता है। प्रमोटर होल्डिंग में भी पिछले क्वार्टर में कुछ कमी आई है।
आगे की राह और मैनेजमेंट का नज़रिया
MTAR Technologies ने FY26 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाकर 30-35% कर दिया है, जिससे रेवेन्यू ₹900 करोड़ से ज़्यादा होने की उम्मीद है। EBITDA मार्जिन का अनुमान 21% पर बनाए रखा गया है। कंपनी का लक्ष्य FY27 के लिए 50% रेवेन्यू ग्रोथ हासिल करना है, साथ ही मार्जिन में और सुधार की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal Financial Services ने 'BUY' रेटिंग के साथ ₹3,900 का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा स्तरों से ऊपर का पोटेंशियल दिखाता है।
लेकिन, इन बड़े ग्रोथ और मार्जिन टारगेट को पूरा करना कंपनी के लिए अहम होगा, खासकर मौजूदा ऊंचे वैल्यूएशन को देखते हुए। मैनेजमेंट को यह साबित करना होगा कि वे बड़े ऑर्डर बुक को लगातार और प्रॉफिटेबल ग्रोथ में बदल पाएंगे। सप्लाई चेन की मुश्किलों को संभालना और प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना, इन सभी पर कंपनी की भविष्य की सफलता टिकी होगी।