Lockheed Martin ने भारतीय वायुसेना (IAF) को **60** C-130J ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट देने के लिए **$10.5 अरब** की बड़ी बोली लगाई है। इस डील के तहत **48** विमानों को Tata Advanced Systems के साथ मिलकर भारत में ही बनाने की योजना है।
भारत में 'मेक इन इंडिया' पर जोर
Lockheed Martin का यह प्रस्ताव भारत के डिफेंस आधुनिकीकरण में एक बड़ा कदम है। कंपनी की योजना के अनुसार, 12 विमान सीधे सप्लाई किए जाएंगे, जबकि बाकी 48 विमान भारत में ही Tata Advanced Systems Limited (TASL) के साथ मिलकर तैयार किए जाएंगे। TASL पहले से ही इन विमानों के महत्वपूर्ण पार्ट्स बना रही है, जिससे 40% इंडिजिनस कंटेंट (स्वदेशी सामग्री) की सरकारी शर्त को पूरा करने में आसानी होगी।
मौजूदा फ्लीट का आधुनिकीकरण
नई खरीद के अलावा, कंपनी भारतीय वायुसेना के वर्तमान 12 C-130J विमानों को भी अपग्रेड करने की योजना बना रही है। इससे कुल 72 विमानों का फ्लीट एक समान कॉन्फ़िगरेशन में आ जाएगा, जिससे मेंटेनेंस और ट्रेनिंग में काफी आसानी होगी।
डिफेंस सेक्टर में मची होड़
यह टेंडर अगस्त 2026 में जारी किया गया था और इसकी डेडलाइन 2 दिसंबर 2026 है। इस कॉन्ट्रैक्ट के लिए प्रतिस्पर्धा बहुत ज्यादा है। Mahindra Group ने ब्राजील की फर्म Embraer के साथ मिलकर C-390 Millennium के साथ अपनी दावेदारी पेश की है। वहीं, Hindustan Aeronautics Limited (HAL), Adani Defence & Aerospace, और Reliance Defence जैसी बड़ी कंपनियां भी इस दौड़ में ग्लोबल पार्टनर के साथ तालमेल बिठा रही हैं।
निवेशकों के लिए ध्यान रखना जरूरी है कि इतनी बड़ी डील का फैसला सरकारी नीतियों, कॉम्प्लेक्स नेगोशिएशन और लोकल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता पर निर्भर करेगा।
