Lockheed Martin ने ताइवान को अपने पहले दो F-16V Block 70 फाइटर जेट्स की डिलीवरी दे दी है। यह कदम लंबे समय से अटके **$8 बिलियन** के डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट की शुरुआत है।
$8 बिलियन कॉन्ट्रैक्ट में बड़ी प्रगति
Lockheed Martin ने 2 अक्टूबर, 2026 को ताइवान के चिहंग एयर बेस पर अपने पहले दो F-16V 'वाइपर' फाइटर जेट्स पहुंचा दिए हैं। साल 2019 में मंजूर हुए कुल 66 विमानों के इस $8 बिलियन के प्रोजेक्ट के लिए यह एक अहम मील का पत्थर है। कंपनी अपने ग्रीनविल, साउथ कैरोलिना प्लांट में प्रोडक्शन और सॉफ्टवेयर की दिक्कतों के कारण काफी समय से देरी का सामना कर रही थी। अब निवेशकों की नजरें बाकी बचे 63 जेट्स की डिलीवरी पर हैं, जिन्हें 2028 तक चरणों में पूरा किया जाना है।
भू-राजनीतिक रिस्क और भविष्य की चुनौतियां
यह डिलीवरी केवल एक ऑपरेशनल उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह अमेरिका और चीन के बीच चल रहे कूटनीतिक तनाव के बीच हो रही है। फिलहाल $14 बिलियन का एक अलग डिफेंस पैकेज भी रेगुलेटरी मंजूरी का इंतजार कर रहा है, जो वाशिंगटन और बीजिंग के रिश्तों पर निर्भर करता है। इसके अलावा, ताइवान के रक्षा मंत्रालय को इन आधुनिक जेट्स को संचालित करने के लिए पायलट ट्रेनिंग और ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश करना होगा। निवेशकों के लिए अब सबसे जरूरी यह देखना है कि कंपनी बिना किसी सप्लाई चेन बाधा के बाकी विमानों की डिलीवरी तय समय पर कैसे करती है, क्योंकि इसी पर लंबी अवधि का रेवेन्यू टिका हुआ है।
