Larsen & Toubro ने गुजरात के हजीरा प्लांट में भारतीय सेना के लिए 'Sindhu' ऑल-टेरेन वाहनों का निर्माण शुरू कर दिया है। BAE Systems के साथ मिलकर तैयार किए जा रहे इस प्रोजेक्ट की डिलीवरी **2027** और **2028** के बीच होनी है।
Larsen & Toubro (L&T) ने हजीरा, गुजरात स्थित अपने आर्मर्ड सिस्टम्स कॉम्प्लेक्स में 'Sindhu' ऑल-टेरेन व्हीकल्स के उत्पादन का बिगुल फूंक दिया है। BAE Systems के साथ इस रणनीतिक साझेदारी का मकसद भारतीय सेना की विशेष मोबिलिटी जरूरतों को पूरा करना है। ये वाहन लेह जैसे ऊंचे पहाड़ी इलाकों और कच्छ के रण जैसी दलदली जगहों पर भी आसानी से काम करने में सक्षम हैं।
लोकल मैन्युफैक्चरिंग पर जोर (Indigenization)
यह प्रोजेक्ट महज असेंबली तक सीमित नहीं है। इसमें 60% से ज्यादा इंडिजिनाइजेशन (स्वदेशीकरण) का लक्ष्य रखा गया है। L&T के इंजीनियर्स BAE Systems के साथ मिलकर एक खास पावर पैक विकसित कर रहे हैं, जिसे भारत की भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से तैयार किया गया है। यह कदम देश के डिफेंस सेक्टर को आयात पर निर्भरता कम करने में मदद करेगा।
डिफेंस ऑर्डर बुक का गणित
निवेशकों के लिए यह L&T के डिफेंस पोर्टफोलियो को मजबूत करने वाला कदम है। डिफेंस बिजनेस में सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर के मुकाबले मार्जिन प्रोफाइल अलग होता है। अगर L&T इस प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक समय पर पूरा करती है, तो भविष्य में सेना की ओर से उन्हें और भी बड़े टेंडर मिल सकते हैं।
टाइमलाइन और डिलीवरी
इस प्रोजेक्ट का रोडमैप साफ है। पहले बैच में 18 यूनिट्स की डिलीवरी 2027 की दूसरी तिमाही में शुरू होगी और पूरा ऑर्डर दिसंबर 2028 तक खत्म करने का लक्ष्य है। कंपनी इस फ्लीट के लाइफसाइकिल मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी खुद संभाल रही है, जिससे उन्हें मैन्युफैक्चरिंग के अलावा मेंटेनेंस के जरिए भी रेवेन्यू मिलता रहेगा। निवेशकों को कंपनी की डिलीवरी क्षमता और लागत पर नियंत्रण की निगरानी रखनी चाहिए, क्योंकि यही प्रोजेक्ट की सफलता तय करेगी।
