कर्नाटक के इंडस्ट्रीज मिनिस्टर ने फ्रेंच एयरोस्पेस कंपनी Safran को राज्य में अपने कारोबार का विस्तार करने का निमंत्रण दिया है। सरकार एवियोनिक्स और स्पेस इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में बड़ी साझेदारी की उम्मीद कर रही है।
बड़ी योजना का ब्लूप्रिंट
कर्नाटक के इंडस्ट्रीज मिनिस्टर एम.बी. पाटिल ने फ्रेंच एयरोस्पेस दिग्गज Safran को राज्य में अपनी पैठ और गहरी करने का प्रस्ताव दिया है। यह कदम राज्य की नई 'कर्नाटक एयरोस्पेस पॉलिसी 2026-2031' के तहत उठाया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य एयरोस्पेस इकोसिस्टम को पूरी तरह बदलना है।
बेंगलुरु में पहले से ही चल रही है तैयारी
Safran फिलहाल बेंगलुरु में दो बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है, जो अब अंतिम चरण में हैं:
- 12,000 वर्ग मीटर का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट।
- कल्याणी टेक पार्क में 3,000 वर्ग मीटर का रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) हब।
कंपनी के पास भारत में पहले से ही 18 साइट्स हैं और लगभग 3,500 कर्मचारी कार्यरत हैं।
नई पॉलिसी और निवेश का लक्ष्य
राज्य सरकार ने 9 सितंबर, 2026 को नई पॉलिसी को मंजूरी दी है, जिसके तहत अगले 5 वर्षों में ₹60,000 करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। सरकार चाहती है कि Safran जैसे बड़े खिलाड़ी अब साधारण कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग से आगे बढ़कर एडवांस्ड डिफेंस टेक्नोलॉजी और स्पेस इलेक्ट्रॉनिक्स की ओर रुख करें।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
फिलहाल, यह पूरा मामला अभी चर्चाओं के दौर में है और Safran की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिबद्धता (Commitment) नहीं आई है। हालांकि, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की नजर इस पर टिकी है कि कैसे राज्य की नई पॉलिसी और इंफ्रास्ट्रक्चर इस हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट करते हैं। आने वाले इन्वेस्टमेंट समिट्स में इस दिशा में किसी ठोस समझौते की उम्मीद की जा सकती है।
