Joby Aviation: डिफेंस सेक्टर में बड़ी छलांग, **3,100** मील की सफल 'ऑटोनॉमस' फ्लाइट से बदली चाल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Joby Aviation: डिफेंस सेक्टर में बड़ी छलांग, **3,100** मील की सफल 'ऑटोनॉमस' फ्लाइट से बदली चाल

Joby Aviation ने मॉडिफाइड Cessna Caravan के जरिए **3,100** मील की ऑटोनॉमस फ्लाइट पूरी कर ली है। कंपनी अब अपने पैसेंजर एयर टैक्सी बिजनेस के साथ-साथ डिफेंस और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी अपने पंख फैला रही है।

डिफेंस सेक्टर में नई रणनीति

इस लंबी दूरी की उड़ान के दौरान ऑटोनॉमस टैक्सीिंग, टेक-ऑफ और लैंडिंग जैसी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। कैलिफोर्निया और Shaw Air Force Base से रिमोट मॉनिटरिंग के जरिए इस मिशन को सफल बनाया गया। हालांकि सुरक्षा के लिए पायलट मौजूद था, लेकिन विमान ने पूरी यात्रा ऑटोनॉमस तरीके से तय की। यह सफलता कंपनी के डिफेंस सॉफ्टवेयर की काबिलियत को साबित करती है।

सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स और अधिग्रहण

कंपनी के पास U.S. Air Force के AFWERX प्रोग्राम के तहत $17 मिलियन का कॉन्ट्रैक्ट पहले से है। इसके अलावा, L3Harris Technologies के साथ हाइब्रिड-इलेक्ट्रिक ऑटोनॉमस सिस्टम्स पर भी काम चल रहा है। पिछले साल अगस्त में Resonant Sciences को $500 मिलियन में खरीदकर कंपनी ने डिफेंस और सेंसर्स के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता और मजबूत कर ली है।

निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां

निवेशकों को अब कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ पर पैनी नजर रखने की जरूरत है। फिलहाल कंपनी का मुख्य पैसेंजर बिजनेस अभी भी प्री-कमर्शियल फेज में है, जिससे कैश बर्न बहुत अधिक है। डिफेंस सेक्टर में प्रवेश तो कर लिया है, लेकिन वहां सरकारी नियमों का पालन और समय पर डिलीवरी एक बड़ी चुनौती है। Archer Aviation और Lilium जैसी कंपनियों से मिल रही कड़ी टक्कर के बीच, कंपनी की सफलता पूरी तरह से सॉफ्टवेयर की विश्वसनीयता और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स को भुनाने की क्षमता पर निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.