Israel और Greece ने मिलकर **€3 बिलियन** के 'Achilles Shield' रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस प्रोजेक्ट का मकसद Greece के मिलिट्री सिस्टम को **35 महीने** के भीतर एक मल्टी-लेयर एयर डिफेंस नेटवर्क में तब्दील करना है।
तकनीक और क्षमता
इस डिफेंस डील के तहत कई आधुनिक प्रणालियों को एक साथ जोड़ा जाएगा। इस प्रोजेक्ट में Israel की दिग्गज कंपनियों, Rafael Advanced Defense Systems और Israel Aerospace Industries (IAI) की तकनीक का उपयोग होगा। इसमें Rafael के 'David’s Sling' और 'SPYDER' सिस्टम के अलावा, IAI के 'BARAK MX' और 'MMR' रडार शामिल होंगे। मुख्य डील के अलावा, Rafael के 'Drone Dome' तकनीक के लिए अलग से €26 मिलियन का करार किया गया है, जो ड्रोन हमलों को नाकाम करने में माहिर है।
डिफेंस एक्सपोर्ट का रिकॉर्ड
यह समझौता इजरायली डिफेंस सेक्टर की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। आधिकारिक डेटा के मुताबिक, साल 2025 में Israel का कुल डिफेंस एक्सपोर्ट रिकॉर्ड $19.2 बिलियन के स्तर पर पहुंच गया है। ऐसी सरकारी डील्स न केवल रेवेन्यू बढ़ाने में मदद करती हैं, बल्कि R&D में निवेश को भी गति देती हैं।
चुनौतियां और जोखिम
भले ही यह समझौता ऐतिहासिक है, लेकिन इसके सामने तकनीकी और भू-राजनीतिक चुनौतियां भी हैं। नए AI-संचालित सिस्टम को Greece के पुराने 'Patriot' मिसाइल सिस्टम के साथ इंटीग्रेट करना काफी जटिल है, जिससे देरी या लागत बढ़ने का जोखिम बना हुआ है। इसके अलावा, Turkiye ने इस सौदे पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिससे भूमध्यसागरीय क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है। डिफेंस सेक्टर के निवेशकों को इन जियोपॉलिटिकल जोखिमों और करेंसी में उतार-चढ़ाव पर नजर बनाए रखनी होगी, क्योंकि इनका असर लॉन्ग-टर्म प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ सकता है।
