डिफेंस बूम के बीच ड्रोन कंपनियों का वैल्यूएशन: हकीकत या सिर्फ हवा?
भारत के डिफेंस और ड्रोन सेक्टर में चल रहे बूम के बीच, Paras Defence and Space Technologies और Zen Technologies ने Q3 FY26 के शानदार नतीजे पेश किए हैं। इन नतीजों से इन कंपनियों की ग्रोथ का अंदाजा मिलता है, जो सरकारी 'मेक इन इंडिया' और इंडिजनाइजेशन (Indigenisation) की मुहिम से प्रेरित है। लेकिन, इन बुलंद नतीजों के बावजूद, दोनों कंपनियों के वैल्यूएशन (Valuation) और एग्जीक्यूशन (Execution) पर सवाल उठ रहे हैं, जिससे निवेशकों के लिए एक कॉम्प्लेक्स निवेश की तस्वीर बन रही है।
नतीजों का लेखा-जोखा: पैरास डिफेंस और जेन टेक्नोलॉजीज की परफॉरमेंस
Paras Defence and Space Technologies ने Q3 FY26 में 24% की बढ़ोतरी के साथ ₹106 करोड़ का रेवेन्यू (Revenue) दर्ज किया, जबकि प्रॉफिट (Profit) 21% बढ़कर ₹18 करोड़ रहा। कंपनी का मार्केट कैप (Market Cap) करीब ₹5,175 करोड़ है और TTM P/E रेश्यो लगभग 72.47x है। इसका ROCE (Return on Capital Employed) 15.6% और ROE (Return on Equity) 11.5% है। P/B रेश्यो 7.7 और PEG रेश्यो 1.9 बताता है कि शेयर की कीमत कमाई से कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ी है, जो इसके प्रीमियम वैल्यूएशन को दर्शाता है।
दूसरी ओर, Zen Technologies ने Q3 FY26 में 16.8% की ग्रोथ से ₹177.8 करोड़ का रेवेन्यू और 38% बढ़कर ₹54.8 करोड़ का प्रॉफिट कमाया है। इसका मार्केट कैप करीब ₹11,938 करोड़ है और TTM P/E रेश्यो 45.5x के आसपास है। Zen Technologies की कैपिटल एफिशिएंसी (Capital Efficiency) अच्छी है, ROCE 37.2% और ROE 26.1% है। लेकिन, पिछले कुछ तिमाहियों से प्रॉफिट में गिरावट और इंटरेस्ट एक्सपेंस (Interest Expenses) में 34.8% की बढ़ोतरी जैसी चिंताएं भी हैं, जो इसकी भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी पर असर डाल सकती हैं।
बजट 2026 के बाद डिफेंस शेयरों का रिएक्शन
सरकार की डिफेंस सेक्टर को बढ़ावा देने की नीतियों और बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन के चलते Nifty India Defence Index में हाल ही में अच्छी उछाल देखी गई थी। हालांकि, 1 फरवरी 2026 को पेश किए गए यूनियन बजट 2026 के बाद, डिफेंस शेयरों में बड़ी गिरावट आई। बजट में डिफेंस कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) को FY27 के लिए ₹2.19 लाख करोड़ (लगभग 21-22% सालाना बढ़ोतरी) और मॉडर्नाइजेशन खर्च को 24% बढ़ाने का ऐलान हुआ। इसके बावजूद, बाजार ने उम्मीद से कम तेजी को देखकर 'सेल-द-न्यूज' (Sell-the-news) रिएक्शन दिया, जिससे डिफेंस स्टॉक्स में मुनाफावसूली देखी गई।
Paras Defence के शेयर ने पिछले 1 साल में 43% से ज्यादा का रिटर्न दिया है, जबकि Zen Technologies ने लगभग 21.5% का रिटर्न दिया है। इस मजबूत परफॉरमेंस के पीछे 'मेक इन इंडिया' डिफेंस इनिशिएटिव और इन कंपनियों की मजबूत ऑर्डर बुक का बड़ा हाथ है।
निवेशकों के लिए चिंताएं (Bear Case)
Paras Defence का वैल्यूएशन, खासकर 7.7 का P/B रेश्यो, इसे 'बहुत महंगा' बनाता है। MarketsMojo जैसे एनालिस्ट्स ने इसे 'सेल' रेटिंग दी है। पिछले 5 सालों में इसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट CAGR सिर्फ 12.85% रहा है, जो इसके हाई वैल्यूएशन को सपोर्ट नहीं करता। हाल ही में, शेयर YTD (Year-to-date) 6.55% और पिछले 3 महीनों में 11.28% गिर चुका है, जो शॉर्ट-टर्म प्रेशर का संकेत है।
Zen Technologies के सामने भी चुनौती कम नहीं है। लगातार गिरता प्रॉफिट और बढ़ता इंटरेस्ट एक्सपेंस इसकी प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव डाल सकता है। हालांकि एनालिस्ट्स (Analysts) इसे 'आउटपरफॉर्म' (Outperform) रेटिंग दे रहे हैं और टारगेट प्राइस ₹1,654.00 तक का दे रहे हैं, जो मौजूदा ₹1,322 के भाव से काफी ऊपर है। लेकिन, MarketsMojo ने इसे भी वैल्यूएशन और फाइनेंशियल परफॉरमेंस को लेकर चिंता जताते हुए 'सेल' रेटिंग दी है, जो इसके अपसाइड पोटेंशियल को सीमित कर सकती है।
आगे की राह: एग्जीक्यूशन और ग्रोथ की उम्मीदें
दोनों कंपनियां एक ऐसे सेक्टर में हैं जहां सरकारी खर्च और इंडिजनाइजेशन की वजह से अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। Zen Technologies के पास ₹1,082.8 करोड़ का बड़ा ऑर्डर बुक है, जिसकी डिलीवरी अगले फाइनेंशियल ईयर (FY27) में होनी है, जो निकट भविष्य के लिए रेवेन्यू की विजिबिलिटी देता है। वहीं, Paras Defence ने अपनी नई सब्सिडियरी Paras Avionics Private Limited के जरिए एविएशन सेक्टर में भी कदम रखा है, जो इसके ग्रोथ के नए रास्ते खोल सकता है।
भविष्य में, इन कंपनियों की सफलता उनकी एग्जीक्यूशन क्षमता, ऑर्डर्स की समय पर डिलीवरी और मार्जिन को बनाए रखने पर निर्भर करेगी। निवेशकों को इन कंपनियों की लाभप्रदता, रेवेन्यू ग्रोथ और डिफेंस तथा ड्रोन सेक्टर में हो रहे तकनीकी व रेगुलेटरी बदलावों पर कड़ी नजर रखनी होगी।
