BrahMos Missile: भारत की डिफेंस कूटनीति का बड़ा दांव, साउथ ईस्ट एशिया में बनी 'मिसाइल बेल्ट'

AEROSPACE-DEFENSE
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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
BrahMos Missile: भारत की डिफेंस कूटनीति का बड़ा दांव, साउथ ईस्ट एशिया में बनी 'मिसाइल बेल्ट'

भारत ने साउथ ईस्ट एशिया में BrahMos मिसाइल की बिक्री का दायरा बढ़ा दिया है, जिससे क्षेत्र में एक नया 'डिटरेंस' (deterrence) तैयार हो रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का रेवेन्यू **₹5,200 करोड़** के पार पहुंच गया है और अब फोकस बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग पर है।

भारत का सुपरसोनिक BrahMos मिसाइल प्रोग्राम अब केवल एक डिफेंस प्रोजेक्ट नहीं रहा, बल्कि यह एक बड़ा एक्सपोर्ट-ड्रिवेन बिजनेस मॉडल बनता जा रहा है। जैसे-जैसे साउथ ईस्ट एशिया के देश इस सिस्टम को अपना रहे हैं, डिफेंस एक्सपर्ट्स इसे 'BrahMos बेल्ट' के रूप में देख रहे हैं। यह दक्षिण चीन सागर के पास मिसाइल बैटरियों का एक ऐसा नेटवर्क है, जो समुद्री सुरक्षा के समीकरणों को पूरी तरह बदल रहा है।

प्रोडक्शन का बढ़ा पैमाना

BrahMos के एक्सपोर्ट में तेजी आई है। साल 2022 में फिलीपींस के साथ हुई $375 मिलियन की डील के बाद, भारत अब अन्य देशों के साथ बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स पर काम कर रहा है। वियतनाम के साथ लगभग $629 मिलियन की डील पाइपलाइन में है, वहीं इंडोनेशिया के साथ $200 मिलियन की एमओयू (MoU) प्रक्रिया चल रही है। थाईलैंड भी इस सिस्टम का मूल्यांकन कर रहा है।

इस ग्रोथ को देखते हुए BrahMos Aerospace का रेवेन्यू फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹5,200 करोड़ को पार कर गया है। कंपनी अब अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव कर रही है, ताकि R&D मॉडल से हटकर बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग की जा सके।

क्या हैं चुनौतियां?

इतनी बड़ी सफलता के बावजूद कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। यह एक जॉइंट वेंचर है, इसलिए हर एक्सपोर्ट सेल के लिए रूसी पार्टनर की मंजूरी जरूरी होती है, जिससे जियोपॉलिटिकल जोखिम बना रहता है। साथ ही, मैन्युफैक्चरिंग को स्केल करने में वर्किंग कैपिटल का दबाव और रॉ मटेरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसी बाधाएं भी शामिल हैं। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में पेमेंट साइकिल लंबी होती है, जिसका असर कैश फ्लो पर पड़ सकता है। अब बाजार की नजर इस पर है कि कंपनी कैसे डिलीवरी टाइमलाइन्स और क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को मेंटेन करते हुए अपनी नई भूमिका निभाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.