भारतीय नौसेना ने **31 अगस्त, 2026** को मुंबई नेवल डॉकयार्ड में अपने अत्याधुनिक स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल (DSV) INS Nipun को शामिल किया। Hindustan Shipyard Limited (HSL) द्वारा निर्मित यह पोत गहरे समुद्र में बचाव और खोज अभियानों में बड़ी भूमिका निभाएगा।
भारतीय नौसेना की क्षमता में एक और मील का पत्थर जुड़ गया है। 31 अगस्त, 2026 को मुंबई स्थित नवल डॉकयार्ड में 'INS Nipun' को औपचारिक रूप से बेड़े में शामिल किया गया। निस्तार-क्लास का यह दूसरा पोत न केवल गहरे समुद्र में डाइविंग और सबमरीन रेस्क्यू के लिए तैयार है, बल्कि यह 300 मीटर की गहराई तक जटिल अंडरवॉटर ऑपरेशन्स को अंजाम देने में सक्षम है।
आत्मनिर्भर भारत की मिसाल
विशाखापत्तनम स्थित सरकारी शिपयार्ड HSL द्वारा निर्मित इस जहाज की सबसे बड़ी खासियत इसका 'स्वदेशी' होना है। इसमें लगभग 75% कलपुर्जे और तकनीक भारत में ही विकसित की गई है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को एक नई गति देती है। इसमें एडवांस्ड डायनामिक पोजिशनिंग और रिमोटली ऑपरेटेड अंडरवॉटर सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकें लगाई गई हैं।
डिफेंस सेक्टर और निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
Hindustan Shipyard Limited (HSL) एक अनलिस्टेड कंपनी है, इसलिए इसमें सीधे निवेश का मौका नहीं है। हालांकि, ₹2,393 करोड़ के इस बड़े कॉन्ट्रैक्ट का सफल क्रियान्वयन भारतीय डिफेंस शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
बाजार के जानकारों के अनुसार, सरकार जिस तरह से समुद्री सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है, उसका सीधा फायदा Mazagon Dock Shipbuilders, Cochin Shipyard, और Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) जैसी लिस्टेड कंपनियों को मिल रहा है। इन कंपनियों के पास मजबूत ऑर्डर बुक और रेवेन्यू विजिबिलिटी है। भविष्य में रक्षा क्षेत्र के नए ऑर्डर्स इन कंपनियों के मार्जिन और ग्रोथ की दिशा तय करेंगे।
