Defence Stocks: बजट में डिफेंस को मिला रिकॉर्ड पैसा, पर शेयर क्यों गिरे? निवेशकों में हलचल!

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AuthorMehul Desai|Published at:
Defence Stocks: बजट में डिफेंस को मिला रिकॉर्ड पैसा, पर शेयर क्यों गिरे? निवेशकों में हलचल!
Overview

Union Budget 2026-27 पेश होने के बाद भारतीय डिफेंस शेयरों में अचानक बड़ी गिरावट देखी गई है। **₹7.85 लाख करोड़** के रिकॉर्ड आवंटन के बावजूद, Data Patterns, BEL, HAL जैसे बड़े डिफेंस स्टॉक्स में भारी बिकवाली हुई, जिसने निवेशकों को हैरान कर दिया।

बाजार ने रिकॉर्ड डिफेंस बजट को क्यों ठुकराया?

Union Budget 2026-27 में भारत के रक्षा बजट को 15.3% बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया गया है। इसके बावजूद, बाजार ने इस पर निराशा जताई और 1 फरवरी 2026 को डिफेंस शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। इन शेयरों ने बजट से पहले की तेजी को पलट दिया। Garden Reach Shipbuilders & Engineers 14% तक लुढ़का, Data Patterns (India) 13.5% नीचे आया, और Hindustan Aeronautics Limited (HAL), Bharat Electronics Limited (BEL), Bharat Dynamics Limited (BDL) जैसे दिग्गजों में करीब 10% की गिरावट आई। यह बिकवाली दर्शाती है कि सरकार डिफेंस तैयारी पर खर्च तो बढ़ा रही है, लेकिन बाजार की उम्मीदें शायद और ज्यादा थीं या बजट में कुछ ऐसी बातें थीं जो निवेशकों को पसंद नहीं आईं।

मॉडर्नाइजेशन के लिए कैपिटल खर्च में बड़ी बढ़ोतरी

नए फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए बजट में कैपिटल आउटले (Capital Outlay) में 21.8% की जोरदार बढ़ोतरी की गई है, जो अब ₹2.19 लाख करोड़ हो गया है। पिछले साल यह ₹1.80 लाख करोड़ था। इस बढ़े हुए कैपिटल खर्च का मकसद एसेट तैयार करना और लंबी अवधि के निवेश पर जोर देना है, जो नए रक्षा प्लेटफॉर्म की खरीद के लिए बेहद जरूरी है। सरकार ने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग पर भी जोर दिया है, और कैपिटल एक्वीजीशन बजट का लगभग 75%, यानी ₹1.39 लाख करोड़, भारतीय उद्योगों (प्राइवेट कंपनियों सहित) से खरीद के लिए रखा गया है।

टेक्नोलॉजी और स्वदेशी पर मुख्य फोकस

सीधी खरीद के अलावा, Union Budget 2026-27 टेक्नोलॉजी और स्वदेशी विकास को बढ़ावा देने पर भी केंद्रित है। प्राइवेट सेक्टर में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) को सपोर्ट करने के लिए ₹5,000 करोड़ का 'डीप-टेक फंड' (Deep-Tech Fund) स्थापित किया गया है। यह फंड AI और सिमुलेशन जैसी खास टेक्नोलॉजी पर काम करने वाली हाई-टेक कंपनियों के लिए फायदेमंद होगा। बजट में विमान के पुर्जों और मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) यूनिट्स के लिए कच्चे माल और कंपोनेंट्स पर कस्टम ड्यूटी में छूट भी दी गई है। इसका मकसद घरेलू उत्पादन के लिए एंट्री बैरियर कम करना और सेना के बेड़े के लिए लाइफसाइकिल लागत को घटाना है।

कंपनियों के लिए मिले-जुले संकेत

इस बढ़े हुए आवंटन से कई डिफेंस कंपनियों को फायदा होने की उम्मीद है। Bharat Electronics Limited (BEL), जिसका मार्केट कैप करीब ₹32,463 करोड़ और P/E 54.43 है, के ऑर्डर बुक में बढ़ोतरी की उम्मीद है। मिसाइल बनाने वाली Bharat Dynamics Limited (BDL) का मार्केट कैप ₹50,000 करोड़ से ज्यादा है, लेकिन यह 80 से ऊपर के P/E पर ट्रेड कर रही है। कंपनी को हाल ही में भारतीय सेना से ₹2,461.62 करोड़ के अतिरिक्त ऑर्डर मिले हैं। एयरोस्पेस और डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स सॉल्यूशंस देने वाली Data Patterns (India), जिसके शेयर बजट के बाद शुरुआती गिरावट के बावजूद बढ़े, का मार्केट कैप करीब ₹14,950 करोड़ और P/E लगभग 64 है। HAL और Mazagon Docks Shipbuilders जैसे बड़े खिलाड़ियों में भी बजट के बाद गिरावट आई, जो उनके रणनीतिक महत्व के बावजूद निवेशकों की आशंकाओं को दर्शाती है। Zen Technologies और Astra Microwave जैसी कंपनियां, जो सिमुलेशन और खास टेक्नोलॉजी पर ध्यान केंद्रित करती हैं, भी संभावित लाभार्थी हो सकती हैं।

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