Defence Minister Rajnath Singh ने Indian Army की अपडेटेड Land Warfare Doctrine जारी की है। 2018 के बाद आई यह नई नीति टेक्नोलॉजी और स्वदेशी डिफेंस सिस्टम्स पर केंद्रित है, जिससे घरेलू डिफेंस कंपनियों के लिए बड़े ऑर्डर्स की उम्मीद बढ़ गई है।
बदलती युद्ध नीति और डिफेंस सेक्टर
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस के दौरान नई Land Warfare Doctrine को पेश किया है। यह नीति पुरानी 2018 की गाइडलाइंस की जगह लेगी। नई रणनीति का मुख्य मकसद सेना को और अधिक 'एजाइल' और 'टेक्नोलॉजी-इंटीग्रेटेड' बनाना है। निवेशकों के लिए यह एक बड़ा संकेत है कि सरकार भविष्य में बजट का बड़ा हिस्सा किन क्षेत्रों में खर्च करने वाली है।
टेक्नोलॉजी और मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स
नई नीति के तहत आर्मी, नेवी और एयर फोर्स के बीच तालमेल बढ़ाने पर जोर है। इसके लिए अडवांस्ड कम्युनिकेशन नेटवर्क्स, सर्विलांस सेंसर्स और इंटर-सर्विस सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म्स में भारी निवेश की जरूरत होगी। जो कंपनियां डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स और सिस्टम इंटीग्रेशन के क्षेत्र में काम कर रही हैं, उन पर Ministry of Defence की नजरें बनी रहेंगी।
ड्रोन और स्वदेशी तकनीक पर जोर
इस डॉक्ट्रिन का एक बड़ा हिस्सा अनक्रूड (Uncrewed) सिस्टम्स, जैसे ड्रोन, लोइटरिंग म्यूनिशन और काउंटर-ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित है। यह कदम सरकार की 'Atmanirbhar Bharat' मुहिम को सीधे तौर पर सपोर्ट करता है। स्वदेशी कंपनियों के लिए यह एक गोल्डन मौका है क्योंकि सरकार अब इंपोर्ट की जगह स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को प्राथमिकता दे रही है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
हालांकि यह नीति एक लंबी अवधि का विजन है, लेकिन शेयर बाजार की नजर इस बात पर होगी कि ये रणनीतियां कितनी जल्दी औपचारिक 'Requests for Proposal' में बदलती हैं। कंपनियों को भविष्य में मिलने वाले बड़े ऑर्डर्स और उनके एग्जीक्यूशन टाइमलाइन पर निवेशकों को कड़ी नजर रखने की जरूरत है। अब डिफेंस कंपनियां पुराने हथियारों के बजाय हाई-टेक सिस्टम्स बनाने वाली फर्म्स पर फोकस कर रही हैं, जो आने वाले समय में उनकी ग्रोथ को रफ्तार दे सकता है।
