भारत की रक्षा AI क्षमता का निर्माण
आधुनिक रक्षा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती अहमियत को देखते हुए, भारत का रक्षा मंत्रालय ₹300 करोड़ के 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' की स्थापना की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस सुविधा का मुख्य उद्देश्य भारत की खास ऑपरेशनल जरूरतों के लिए AI एप्लीकेशंस विकसित करना होगा, जो विभिन्न इलाकों और जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल हों। शुरुआती दौर की चर्चाएं घरेलू AI फर्मों, जिनमें प्रमुख स्टार्टअप Sarvam AI भी शामिल है, के साथ चल रही हैं। इस पहल के तहत निगरानी (surveillance), टोही (reconnaissance) और रणनीतिक निर्णय लेने (decision-making) के लिए उन्नत AI सिस्टम बनाए जाएंगे, जिससे देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
Sarvam AI की बढ़ती भूमिका
Sarvam AI इस राष्ट्रीय पहल में एक अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है। Lightspeed, Peak XV और Khosla Ventures जैसे बड़े निवेशकों से समर्थन प्राप्त यह कंपनी, लगभग $1.5 बिलियन के वैल्यूएशन पर नई फंडिंग जुटाने की कोशिश कर रही है। इसी साल की शुरुआत में, Sarvam ने भारतीय भाषाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए Sarvam-30B और Sarvam-105B जैसे ओपन-सोर्स AI मॉडल पेश किए थे। इसके अलावा, कंपनी को इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय से संप्रभु AI मॉडल के विकास के लिए लगभग ₹220 करोड़ की सरकारी सब्सिडी भी मिली है।
