Defence Sector: भारत का बड़ा मिशन, 2029 तक ₹3 लाख करोड़ के डिफेंस प्रोडक्शन का लक्ष्य

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Defence Sector: भारत का बड़ा मिशन, 2029 तक ₹3 लाख करोड़ के डिफेंस प्रोडक्शन का लक्ष्य

सरकार ने डिफेंस सेक्टर के लिए महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है। साल 2029 तक सालाना डिफेंस प्रोडक्शन को **₹3 लाख करोड़** और एक्सपोर्ट को **₹50,000 करोड़** तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

भारत सरकार ने रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को और रफ्तार दे दी है। रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में स्वदेशी रक्षा उत्पादन का स्तर जो साल 2014-15 में ₹46,429 करोड़ था, वह अब वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है।

बजट का बूस्ट और नई रणनीति

सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारी निवेश कर रही है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए यूनियन डिफेंस बजट ₹7.85 लाख करोड़ तय किया गया है, जिसमें से ₹2.19 लाख करोड़ सिर्फ आधुनिकीकरण और प्रोक्योरमेंट के लिए रखे गए हैं।

रणनीति में बदलाव करते हुए, सरकार अब सिर्फ हार्डवेयर बेचने के बजाय MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल) जैसी सेवाओं पर जोर दे रही है। इसका मकसद विदेशी पार्टनर्स के साथ लंबी अवधि के रिश्ते बनाना और कंपनियों के लिए लगातार रेवेन्यू स्ट्रीम तैयार करना है। फिलहाल, कुल डिफेंस प्रोडक्शन में प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी 24% हो गई है, और सरकार ड्रोन व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए रिसर्च बॉडीज के साथ तालमेल बढ़ा रही है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

निवेशकों को इन दावों के बीच कुछ जोखिमों पर भी नजर रखनी चाहिए:

  • कॉन्ट्रैक्ट की अनिश्चितता: डिफेंस सेक्टर में प्रोजेक्ट्स का काम 'लम्पी' (uneven) होता है, जिससे तिमाही नतीजों पर असर पड़ सकता है।
  • कस्टमर रिस्क: अधिकांश कंपनियां अभी भी सरकारी ऑर्डर पर निर्भर हैं, जो कंसंट्रेशन रिस्क पैदा करता है।
  • हाई वैल्यूएशन: सेक्टर के शेयरों का वैल्यूएशन काफी ऊपर है। ऐसे में यदि प्रोडक्शन माइलस्टोन हासिल करने में थोड़ी भी देरी होती है, तो स्टॉक प्राइस में बड़ा करेक्शन देखने को मिल सकता है।
Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.