Indian Air Force का मेगा प्लान: 114 फाइटर जेट्स की डील, मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य

AEROSPACE-DEFENSE
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Indian Air Force का मेगा प्लान: 114 फाइटर जेट्स की डील, मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य

Indian Air Force (IAF) अपने बेड़े की कमी को पूरा करने के लिए 114 मल्टी-रोल फाइटर जेट्स खरीदने की तैयारी कर रही है। मार्च 2027 तक इस डील को फाइनल करने का लक्ष्य रखा गया है, जो घरेलू रक्षा क्षेत्र के लिए एक बड़ा अवसर है।

भारतीय वायुसेना (IAF) अपने मौजूदा ऑपरेशंस की कमी को देखते हुए 114 मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) के लिए काम तेज कर रही है। फिलहाल वायुसेना के पास 29 फाइटर स्क्वाड्रन्स हैं, जबकि इसे 42 की संख्या तक पहुंचना है। इस डील के जरिए वायुसेना न केवल अपनी ताकत बढ़ाना चाहती है, बल्कि लंबे समय के लिए तैयारी भी पक्की करना चाहती है।

'मेक इन इंडिया' पर जोर

यह डील पुराने समझौतों से काफी अलग है। इसमें सरकार का मुख्य जोर इस बात पर है कि फाइटर जेट्स का बड़ा हिस्सा भारत में ही असेंबल किया जाए। इसमें स्वदेशी सिस्टम और हथियारों का इस्तेमाल अनिवार्य होगा। डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह ने पुष्टि की है कि इस प्रोजेक्ट के लिए बोलियों (Bids) का मूल्यांकन अभी चल रहा है।

निवेशकों के लिए चेतावनी और अवसर

डिफेंस सेक्टर के निवेशकों के लिए यह एक बड़ी खबर है, क्योंकि इससे कंपनियों के ऑर्डर बुक में जबरदस्त इजाफा हो सकता है। हालांकि, इतने बड़े कॉन्ट्रैक्ट में प्राइस नेगोशिएशन के कारण देरी होना आम बात है। कई डिफेंस स्टॉक्स ने पिछले एक साल में बहुत अच्छी रैली दिखाई है, ऐसे में निवेशकों को यह समझना चाहिए कि भविष्य की उम्मीदें इन कीमतों में पहले ही शामिल (Price-in) हो चुकी हैं। अगर प्रोजेक्ट में देरी हुई या लागत बढ़ी, तो कंपनियों के मार्जिन पर बुरा असर पड़ सकता है।

आगे की राह

MRFA के अलावा वायुसेना एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) जैसे स्वदेशी प्रोग्राम्स पर भी ध्यान दे रही है। फिलहाल बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस कॉन्ट्रैक्ट की शर्तें क्या रखती है और किन घरेलू कंपनियों को इसमें हिस्सेदारी मिलती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.