दक्षिण कोरिया का डिफेंस उद्योग अपनी एक्सपोर्ट रेंज (export range) का विस्तार कर रहा है, और अब भारत को पारंपरिक आर्टिलरी (artillery) से आगे बढ़कर रणनीतिक विकल्प (strategic options) दे रहा है। सियोल की एडवांस्ड नौसैनिक जहाज़ (advanced naval vessels), आर्मर्ड व्हीकल (armored vehicles) और मिसाइल सिस्टम (missile systems) की सप्लाई करने की क्षमता, नई दिल्ली के साथ उसकी बढ़ती क्षमताओं और साझेदारी को दर्शाती है।
दक्षिण कोरिया का बदलता एक्सपोर्ट प्रोफाइल
साल 2008-13 के बीच, दक्षिण कोरिया के कुल हथियारों के निर्यात का 63% हिस्सा आर्टिलरी का था। लेकिन यह आंकड़ा 2014-19 तक नाटकीय रूप से बदल गया, जहां जहाज़ों का दबदबा 58% पर पहुंच गया और आर्टिलरी घटकर केवल 7.9% रह गई। वहीं, 2020-25 तक, एक्सपोर्ट बास्केट (export basket) और भी विविध हो गया, जिसमें जहाज़ 28%, आर्टिलरी 32%, आर्मर्ड व्हीकल 19% और मिसाइलें 13% तक पहुंच गईं। इस विविधीकरण (diversification) ने दक्षिण कोरिया की वैश्विक स्थिति को और मज़बूत किया है, जिससे एशिया के कुल हथियारों के निर्यात में उसकी हिस्सेदारी 2008-13 के 12% से बढ़कर 2020-25 में 32% हो गई है। विश्व स्तर पर, यह 14वें सबसे बड़े एक्सपोर्टर से नौवें स्थान पर आ गया है, जिसकी वैश्विक हिस्सेदारी 3% है।
भारत की रणनीतिक ज़रूरत
दक्षिण कोरिया से भारत की रक्षा खरीद में अब तक ज़्यादातर आर्टिलरी सिस्टम शामिल रहे हैं, जैसे कि सह-निर्मित (co-manufactured) K9 Vajra-T। लेकिन नई दिल्ली सक्रिय रूप से अपने रक्षा आपूर्तिकर्ताओं (defense suppliers) में विविधता ला रही है ताकि रूस और पश्चिमी देशों पर अपनी लंबे समय से चली आ रही निर्भरता से हटकर नए विकल्प तलाशे जा सकें। इसी वजह से दक्षिण कोरिया की बढ़ाई गई पेशकशें बेहद प्रासंगिक (relevant) हो जाती हैं।
सहयोग के नए रास्ते
दक्षिण कोरिया के आर्टिलरी से आगे बढ़ने के साथ, भारत के लिए आर्मर्ड व्हीकल, एडवांस्ड मिसाइलें, नौसैनिक जहाज़ और यहां तक कि इलेक्ट्रॉनिक्स सहित पूर्ण वायु रक्षा प्रणालियों (full air defense systems) में सहयोग के नए अवसर खुल गए हैं। पोलैंड, फिलीपींस और यूएई जैसे प्रमुख खरीदार (major buyers) दक्षिण कोरिया की बढ़ती वैश्विक अपील का प्रमाण हैं, जो भारत के दीर्घकालिक रक्षा उन्नयन (long-term defense upgrades) के लिए उसे एक प्रमुख भागीदार (key partner) के तौर पर स्थापित कर रहे हैं।
