भारतीय सेना की 2025-26 की एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरी सीमा पर चीनी सैनिकों की संख्या में कमी आई है। हालांकि कूटनीतिक बातचीत जारी है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से सेना अभी भी पूरी तरह सतर्क है।
सैनिकों की तैनाती में आई कमी
14 सितंबर, 2026 को जारी भारतीय सेना की एनुअल रिपोर्ट के अनुसार, वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीनी सेना (PLA) की रणनीति में बदलाव दिखा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अब भारतीय ठिकानों के सामने लगभग 10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड ही तैनात हैं, जो पहले के मुकाबले काफी कम है।
बातचीत से निकल रहा हल
यह बदलाव लंबे समय से चल रही कूटनीतिक और सैन्य वार्ताओं का नतीजा है। 6-7 सितंबर, 2026 को अरुणाचल प्रदेश सेक्टर में पहली बार उच्च स्तरीय सैन्य कमांडरों की फ्लैग मीटिंग हुई थी। इसके अलावा, पूर्वी लद्दाख में चल रही मीटिंग्स भी सीमा पर शांति बहाल करने में मददगार साबित हो रही हैं।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
निवेशकों के नजरिए से देखें तो सीमा पर स्थिरता आर्थिक विकास के लिए अच्छा संकेत है। डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को इससे फायदा मिल सकता है, क्योंकि सीमा पर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम अभी भी जारी है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कोई स्थायी समाधान नहीं, बल्कि एक 'टैक्टिकल पॉज' हो सकता है।
बाजार की नजरें अब भी ग्लोबल फैक्टर्स पर टिकी हैं। फिलहाल, वेस्ट एशिया संकट और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव भारतीय शेयर बाजार के लिए अधिक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। डिफेंस सेक्टर की ग्रोथ बॉर्डर की इन छोटी हलचलों से ज्यादा सरकार के आत्मनिर्भर डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्लान पर टिकी है।
