Defense Sector: भारत की अगली बड़ी उड़ान! 6th-Gen फाइटर जेट के साथ ₹50,000 करोड़ का निर्यात लक्ष्य

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AuthorAditya Rao|Published at:
Defense Sector: भारत की अगली बड़ी उड़ान! 6th-Gen फाइटर जेट के साथ ₹50,000 करोड़ का निर्यात लक्ष्य

भारत ने अपने डिफेंस सेक्टर को एक नई ऊंचाई देने की तैयारी कर ली है। सरकार अब स्वदेशी तकनीक से 6th-जेनरेशन के फाइटर जेट्स बनाने पर फोकस कर रही है, साथ ही साल 2029 तक डिफेंस एक्सपोर्ट को बढ़ाकर **₹50,000 करोड़** के पार ले जाने का लक्ष्य रखा है।

आत्मनिर्भर भारत का अगला पड़ाव

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ कर दिया है कि भविष्य के युद्धक्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए भारत अब पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर काम करेगा। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में हाइपरसोनिक हथियारों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोनॉमस सिस्टम्स को प्राथमिकता दी जा रही है। यह पहल न केवल विदेशी तकनीक पर निर्भरता को कम करेगी, बल्कि डिफेंस सप्लाई चेन पर भी भारत की पकड़ मजबूत करेगी।

एक्सपोर्ट का बढ़ता दम

भारतीय रक्षा उत्पादों की ग्लोबल डिमांड तेजी से बढ़ रही है। साल 2013-14 में जहां रक्षा निर्यात महज ₹686 करोड़ था, वहीं फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में यह आंकड़ा उछलकर ₹38,424 करोड़ तक पहुंच गया है। अब सरकार की नजर 2029 तक इसे ₹50,000 करोड़ तक ले जाने पर है। फिलहाल भारतीय डिफेंस उपकरण 100 से ज्यादा देशों तक पहुंच रहे हैं।

निवेशकों के लिए क्या हैं मौके?

6th-जेनरेशन की तकनीक काफी जटिल और खर्चीली है। ऐसे में एयरोस्पेस डिजाइन, एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजन मैन्युफैक्चरिंग में काम करने वाली घरेलू कंपनियों के लिए बड़े अवसर पैदा होंगे। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि यह एक लंबी और चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें सरकार की ओर से लगातार फंडिंग और रिसर्च-डेवलपमेंट (R&D) कॉन्ट्रैक्ट्स पर नजर रखना जरूरी होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.