Axiscades, Apollo Micro: डिफेंस सेक्टर में तूफानी तेजी! पर वैल्यूएशन को लेकर निवेशकों के माथे पर चिंता की लकीरें

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AuthorMehul Desai|Published at:
Axiscades, Apollo Micro: डिफेंस सेक्टर में तूफानी तेजी! पर वैल्यूएशन को लेकर निवेशकों के माथे पर चिंता की लकीरें
Overview

भारत का डिफेंस सेक्टर इस वक्त 'आत्मनिर्भर भारत' के नारे को साकार करता दिख रहा है। रिकॉर्ड **₹7.8 लाख करोड़** के डिफेंस बजट ने Axiscades Technologies और Apollo Micro Systems जैसी घरेलू कंपनियों के लिए ग्रोथ के बड़े रास्ते खोल दिए हैं। दोनों कंपनियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं, लेकिन उनके वैल्यूएशन (Valuation) को लेकर कुछ सवाल जरूर खड़े हो रहे हैं।

डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता का दम

भारत में रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर में गजब की रफ्तार देखी जा रही है। ग्लोबल टेंशन और स्वदेशी तकनीक पर जोर देने के कारण मांग बढ़ी है। यूनियन बजट 2026 में डिफेंस के लिए रिकॉर्ड ₹7.8 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है, जिसमें से ₹2.2 लाख करोड़ कैपिटल एक्विजिशन (Capital Acquisition) के लिए हैं। खास बात यह है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 तक इस बजट का 75% हिस्सा घरेलू उद्योगों के लिए आरक्षित रखा गया है। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) को भी स्वदेशी टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए ₹29,100 करोड़ मिले हैं। इस मजबूत सपोर्ट सिस्टम के चलते Axiscades Technologies और Apollo Micro Systems जैसी कंपनियां घरेलू डिफेंस प्रोडक्ट्स और मैन्युफैक्चरिंग की बढ़ती मांग का फायदा उठाने के लिए अच्छी पोजीशन में हैं।

Axiscades: प्रोडक्ट पर फोकस, वैल्यूएशन पर सवाल?

Axiscades Technologies अब प्रोडक्ट-बेस्ड मॉडल की ओर बढ़ रही है। कंपनी का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2028 तक अपने रेवेन्यू का 80% से अधिक हिस्सा मैन्युफैक्चरिंग से हासिल करना है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के नौ महीनों में कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल 16.2% बढ़कर ₹886 करोड़ रहा, जिसमें डिफेंस वर्टिकल में 39% की जोरदार उछाल देखी गई। EBITDA में 37.1% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹144 करोड़ तक पहुंच गया, जो फाइनेंशियल ईयर 2025 के पूरे साल के आंकड़े को पार कर गया। कंपनी की 2030 तक 1 बिलियन डॉलर के रेवेन्यू का लक्ष्य भी है। हालांकि, Axiscades को एक बड़े वैल्यूएशन गैप का सामना करना पड़ रहा है। 27 मार्च 2026 को शेयर का भाव करीब ₹1,415.90 था, जो विश्लेषकों के टारगेट प्राइस ₹569.00 से लगभग 60% अधिक है। यह अंतर दर्शाता है कि बाजार का वैल्यूएशन, ऑपरेशनल गेन के बावजूद, फिलहाल विश्लेषकों की उम्मीदों से काफी अलग चल रहा है।

Apollo Micro Systems: बड़ी उड़ान की तैयारी, पर कीमत थोड़ी ज्यादा?

Apollo Micro Systems (AMS) खुद को एक टॉप-टियर डिफेंस ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) बनाने की राह पर है, जो पूरे हथियार सिस्टम की सप्लाई कर सके। IDL Explosives के अधिग्रहण को छोड़ दें तो, कंपनी अगले दो से तीन सालों में 45-50% के कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) का अनुमान लगा रही है। फाइनेंशियल ईयर 2026 की पहली नौ महीनों में रेवेन्यू 53% बढ़कर ₹611 करोड़ रहा, जबकि EBITDA में 61% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹150.5 करोड़ पर पहुंच गया, और मार्जिन 24.6% का हेल्दी रहा। AMS अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए हैदराबाद में ₹250 करोड़ का नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगा रही है। 26 मार्च 2026 तक स्टॉक करीब ₹189.49 पर ट्रेड कर रहा था, जो इंडस्ट्री के औसत 52.2 की तुलना में 75.8 के P/E रेशियो पर है। विश्लेषकों ने इसे 'Strong Buy' रेटिंग दी है और 12 महीने का औसत टारगेट प्राइस ₹290.00 रखा है, जो अच्छी ग्रोथ का संकेत देता है, बशर्ते कंपनी अपने लक्ष्यों को बखूबी पूरा करे।

सेक्टर के दूसरे बड़े खिलाड़ी और सरकारी भरोसा

मार्च 2026 में भारतीय डिफेंस सेक्टर ने मार्केट की गिरावट के बावजूद मजबूती दिखाई, Nifty India Defence Index में 6% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टर के प्रमुख खिलाड़ियों में Hindustan Aeronautics Limited (HAL) शामिल है, जिसका मार्केट कैप लगभग ₹2.45 ट्रिलियन और P/E 27.60 है। Bharat Dynamics Limited (BDL) ₹1,136.90 पर ट्रेड कर रहा है और इसका मार्केट कैप ₹47,000 करोड़ से अधिक है। BDL का P/E रेशियो 81.14 और रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 14.38% है, जो Axiscades और Apollo Micro Systems से अलग वैल्यूएशन दर्शाता है। सरकार का घरेलू सोर्सिंग पर जोर, कैपिटल एक्विजिशन बजट का 75% लोकल फर्म्स को देना, पूरे सेक्टर के लिए लगातार मांग सुनिश्चित करता है।

मुख्य जोखिम: एक्शन प्लान और वैल्यूएशन की बाधाएं

भले ही सेक्टर में तेजी का माहौल हो, Axiscades और Apollo Micro Systems दोनों को कुछ खास चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। Axiscades के लिए, नए प्रोडक्ट-बेस्ड मॉडल में सफलतापूर्वक बदलाव करना और कम मार्जिन वाले पुराने ऑपरेशंस से अलग होना, एग्जीक्यूशन (Execution) के मामले में बड़ी चुनौती पेश करता है, और इस बड़े बदलाव के दौरान प्रॉफिट पर दबाव भी आ सकता है। Apollo Micro Systems, अपने 'Strong Buy' रेटिंग और महत्वाकांक्षी लक्ष्यों के बावजूद, प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। इसका 10.0% का रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) और प्रमोटर होल्डिंग का 34.2% गिरवी होना कुछ चिंता की बातें हैं। अपने आक्रामक 45-50% रेवेन्यू ग्रोथ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए परफेक्ट एग्जीक्यूशन, अधिग्रहणों का सफल इंटीग्रेशन और लगातार कुशलता बनाए रखना जरूरी होगा, ताकि इसके ऊंचे वैल्यूएशन को सही ठहराया जा सके।

भविष्य का नज़रिया: ग्रोथ एग्जीक्यूशन पर निर्भर

लगातार सरकारी खर्च और 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के सपोर्ट से भारतीय डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स का भविष्य उज्ज्वल दिख रहा है। विश्लेषकों को ऑर्डर में लगातार तेजी की उम्मीद है, और बड़े कैपिटल इन्वेस्टमेंट सेक्टर की ग्रोथ को गति देंगे। 2030 तक 1 बिलियन डॉलर के रेवेन्यू और 20% से ऊपर EBITDA मार्जिन का Axiscades का लक्ष्य अभी भी महत्वाकांक्षी है। Apollo Micro Systems की संभावनाएं इस बात पर निर्भर करेंगी कि वह अपने मजबूत ऑर्डर बुक को प्रॉफिटेबल ग्रोथ में कैसे बदलता है। विश्लेषकों के टारगेट प्राइस महत्वपूर्ण अपसाइड पोटेंशियल का संकेत देते हैं, लेकिन प्रोडक्शन और डिलीवरी को सफलतापूर्वक स्केल करना शेयरधारकों के रिटर्न के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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