यह बढ़ाया गया बजट भारत की रक्षा तैयारियों को मज़बूत करने और क्षेत्रीय सुरक्षा खतरों से निपटने की सरकार की मंशा को साफ दिखाता है। इसके साथ ही, यह घरेलू रक्षा निर्माण क्षमताओं को बढ़ावा देने और 'मेक इन इंडिया' (Make in India) व 'आत्मनिर्भर भारत' (Atmanirbhar Bharat) जैसी पहलों को गति देने का भी एक बड़ा कदम है।
रणनीतिक खर्च में बंपर इजाफा
चालू फाइनेंशियल ईयर (FY2026-27) के लिए भारत का रक्षा बजट ₹7.85 लाख करोड़ तय किया गया है। यह पिछले साल के ₹6.81 लाख करोड़ के मुकाबले लगभग 15% की महत्वपूर्ण वृद्धि है। देश के जटिल सुरक्षा माहौल, जिसमें लगातार सीमा विवाद और क्षेत्रीय अस्थिरता शामिल है, को देखते हुए यह वित्तीय विस्तार किया गया है। कैपिटल एक्सपेंडिचर में 28% की भारी बढ़ोतरी, जो पिछले साल के ₹1.80 लाख करोड़ से बढ़कर ₹2.31 लाख करोड़ हो गई है, का उपयोग मुख्य रूप से उन्नत हथियार सिस्टम खरीदने और सैन्य आधुनिकीकरण को तेज़ करने के लिए किया जाएगा।
घरेलू उत्पादन को मिलेगा बूस्ट
नई हथियार प्रणालियों की खरीद के अलावा, इस बड़े बजट का एक बड़ा हिस्सा भारत के घरेलू रक्षा निर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए भी रणनीतिक रूप से नियोजित है। इसका उद्देश्य स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को बढ़ावा देना है, जो 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में एक बड़ा कदम है। उम्मीद है कि इससे भारतीय रक्षा कंपनियों के लिए बड़े अवसर पैदा होंगे और प्रमुख कंपनियों के ऑर्डर बुक और रेवेन्यू ग्रोथ में तेजी आएगी।
रक्षा कंपनियों का प्रदर्शन और आगे का रास्ता
प्रमुख भारतीय रक्षा कंपनियों ने इस वित्तीय समर्थन की उम्मीद में पहले से ही मजबूत प्रदर्शन दिखाया है। Hindustan Aeronautics Limited (HAL) का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹1,50,000 करोड़ है, जबकि Bharat Electronics Limited (BEL) का मूल्यांकन करीब ₹80,000 करोड़ है। Bharat Dynamics Limited (BDL) का मार्केट कैप लगभग ₹30,000 करोड़ और Mishra Dhatu Nigam (MIDHANI) का ₹8,000 करोड़ के आसपास है। इन कंपनियों की ऑर्डर बुक मजबूत है और वे नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि बजट की घोषणाओं पर रक्षा शेयरों में अक्सर अल्पकालिक सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जाती है, लेकिन उनकी लंबी अवधि की चाल प्रभावी ढंग से प्रोजेक्ट्स को पूरा करने और निरंतर नीतिगत समर्थन पर निर्भर करती है। भारतीय रक्षा क्षेत्र में आने वाले वर्षों में मजबूत वृद्धि देखी जा सकती है, जिसका अनुमानित कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 9-11% रहने का अनुमान है। हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि पिछले एक दशक में GDP के प्रतिशत के रूप में रक्षा व्यय में धीरे-धीरे गिरावट आई है, जो वर्तमान में लगभग 2.5% के आसपास है।
