ISRO का बड़ा कदम: अब प्राइवेट कंपनियां बनाएंगी 'Bahubali' LVM3 रॉकेट, अक्टूबर में शुरू होगी बिडिंग

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AuthorMehul Desai|Published at:
ISRO का बड़ा कदम: अब प्राइवेट कंपनियां बनाएंगी 'Bahubali' LVM3 रॉकेट, अक्टूबर में शुरू होगी बिडिंग

ISRO ने अपने हैवी-लिफ्ट रॉकेट LVM3 की मैन्युफैक्चरिंग को प्राइवेट सेक्टर को सौंपने की तैयारी कर ली है। इस प्रोजेक्ट के लिए L&T, Adani और JSW जैसी बड़ी कंपनियों ने रुचि दिखाई है।

प्राइवेट सेक्टर के लिए खुले दरवाजे

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अब अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट 'बाहुबली' यानी LVM3 की कमान प्राइवेट कंपनियों को सौंपने जा रहा है। इसका मुख्य मकसद भारत की लॉन्च क्षमता को बढ़ाना और ISRO को डीप-स्पेस रिसर्च और वैज्ञानिक मिशनों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मुक्त करना है। यह कदम 'गगनयान' जैसे बड़े मिशनों के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

कौन सी कंपनियां हैं रेस में?

इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए देश के कई बड़े औद्योगिक घराने आमने-सामने हैं। Larsen & Toubro (L&T), Adani Defence & Aerospace और Mahindra Group इस अवसर का बारीकी से मूल्यांकन कर रहे हैं। इसके अलावा, JSW, Solar Industries, Bharat Forge और Inox India जैसी कंपनियों के कंसोर्टियम भी तकनीकी जरूरतों को समझने में जुटे हैं। इन कंपनियों को डिजाइन, प्रोपल्शन सिस्टम और एवियोनिक्स जैसे जटिल क्षेत्रों में काम करना होगा।

बिडिंग और टेक्नोलॉजी का सफर

आधिकारिक बिडिंग प्रक्रिया अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाली है। जो भी पार्टनर इसे जीतेगा, उसे 42 महीने की कड़ी ट्रेनिंग और टेक्नोलॉजी एब्जॉर्प्शन प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसका उद्देश्य ISRO के दशकों पुराने हाई-प्रिसिजन स्टैंडर्ड्स और विश्वसनीयता को बरकरार रखना है।

निवेश का मौका और रिस्क

यह प्रोजेक्ट एयरोस्पेस सेक्टर में एंट्री का बड़ा मौका है, लेकिन इसमें बड़े पैमाने पर कैपिटल इन्वेस्टमेंट की जरूरत होगी। निवेशकों को ध्यान रखना होगा कि इस तरह के जटिल प्रोजेक्ट में एग्जीक्यूशन रिस्क अधिक होता है। देखना यह होगा कि अक्टूबर में होने वाली बिडिंग में कौन सी कंपनियां बाजी मारती हैं और वे किस तरह से ग्लोबल मार्केट की मांग को पूरा करती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.