IIT Bombay के पूर्व छात्रों ने डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर में कदम रखते हुए Kokasa नाम की एक डीप-टेक स्टार्टअप शुरू की है। यह कंपनी Su-30MKI और T-72 टैंकों जैसे प्रमुख प्लेटफार्मों के लिए ऑटोनॉमस सिस्टम तैयार करेगी।
Kokasa ने एक डीप-टेक स्टार्टअप के रूप में अपनी शुरुआत की है, जिसका मुख्य फोकस डिफेंस और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग पर है। इस कंपनी की स्थापना IIT Bombay के उन पूर्व छात्रों ने की है, जिन्हें Hindustan Aeronautics Limited (HAL) जैसे संस्थानों में काम करने का लंबा अनुभव है। यह स्टार्टअप 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत Collaborative Autonomous Systems पर काम कर रहा है, जो सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर और इलेक्ट्रोमैकेनिकल इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन तालमेल है।
लीगेसी प्लेटफॉर्म्स पर नजर
कंपनी का मुख्य ध्यान उन डिफेंस प्लेटफॉर्म्स के मेंटेनेंस और अपग्रेड पर है जो भारतीय सेना के पास पहले से मौजूद हैं। इसमें मुख्य रूप से Su-30MKI फाइटर जेट, MiG-29 एयरक्राफ्ट और T-72 टैंक शामिल हैं। इन उपकरणों के लिए विदेशी कल-पुर्जों पर निर्भरता कम करना ही Kokasa का प्राथमिक उद्देश्य है।
निवेशकों के लिए हकीकत और चुनौतियां
भारत के डिफेंस सेक्टर में iDEX जैसी सरकारी योजनाओं के चलते स्टार्टअप्स के लिए मौके तो बहुत हैं, लेकिन राह आसान नहीं है। डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट्स का साइकिल काफी लंबा होता है और इसमें CEMILAC और DGAQA जैसे संस्थानों से सख्त क्वालिटी और सेफ्टी सर्टिफिकेशन पाना एक बड़ी चुनौती है।
हालांकि, Bharat Electronics और HAL जैसी बड़ी कंपनियों के लिए ऐसी छोटी और चुस्त स्टार्टअप्स काम की साबित हो सकती हैं। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा पॉइंट यह है कि क्या यह स्टार्टअप R&D के चरण से निकलकर सीधे मुनाफे वाले बड़े सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल कर पाएगी या नहीं।
