नोएडा स्थित स्टार्टअप IG Defence ने अपनी 'JWALA' माइक्रो-मिसाइल के लिए इंडिजिनस सॉलिड रॉकेट मोटर्स का सफल परीक्षण किया है। यह ड्रोन हमलों से निपटने के लिए एक किफायती और AI-संचालित समाधान है। हालांकि, निवेशकों के लिए एक जरूरी चेतावनी यह है कि यह कंपनी शेयर बाजार (NSE/BSE) पर लिस्टेड नहीं है।
डिफेंस सेक्टर में नई हलचल
नोएडा के स्टार्टअप IG Defence ने 3 अक्टूबर, 2026 को अपनी माइक्रो-मिसाइल 'JWALA' के सॉलिड रॉकेट मोटर्स का सफल परीक्षण करके तकनीकी क्षेत्र में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। इस सिस्टम का मुख्य उद्देश्य दुश्मन के ड्रोन हमलों को रोकने के लिए एक 'हार्ड-किल' यानी सटीक और घातक सुरक्षा कवच तैयार करना है।
कैसे काम करता है JWALA सिस्टम?
यह मिसाइल सिस्टम कंपनी के खुद के 'GRID बैटल मैनेजमेंट सिस्टम' के साथ इंटीग्रेटेड है। यह पूरी तरह से AI-पावर्ड है, जो ड्रोन को डिटेक्ट करने से लेकर उसे ट्रैक करने और नष्ट करने तक की पूरी प्रक्रिया को ऑटोमैटिक तरीके से अंजाम देता है।
क्यों खास है यह टेक्नोलॉजी?
आज के दौर में एयर-डिफेंस सिस्टम बहुत महंगे होते हैं, जिन्हें बड़ी संख्या में तैनात करना मुश्किल होता है। IG Defence का लक्ष्य इस लागत को कम करना है, ताकि कम बजट में भी ज्यादा सुरक्षा घेरा बनाया जा सके। इससे ऑपरेटरों को दुश्मन के स्वॉर्म (बड़ी तादाद में) हमलों का मुकाबला करने के लिए बेहतर क्षमता मिलेगी।
निवेशकों के लिए अहम सूचना
अगर आप शेयर बाजार के निवेशक हैं, तो ध्यान दें कि IG Defence एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। यह कंपनी न तो NSE पर लिस्टेड है और न ही BSE पर। बाजार में मौजूद किसी भी अन्य लिस्टेड डिफेंस या फाइनेंशियल कंपनी से इसका कोई लेना-देना नहीं है।
एक स्टार्टअप के रूप में इसे अभी प्रोटोटाइप से लेकर मास-प्रोडक्शन तक का लंबा सफर तय करना है। सरकार और डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने के लिए इसे बड़ी और स्थापित कंपनियों से कड़ी टक्कर लेनी होगी। इसके भविष्य की सफलता इसकी मैन्युफैक्चरिंग स्केल और सिस्टम की रिलायबिलिटी पर निर्भर करेगी।
