गोवा बेस्ड Hughes Precision Manufacturing ने अपने विस्तार के लिए **₹250 करोड़** से ज्यादा की फंड जुटा लिए हैं। इस निवेश के साथ कंपनी अपनी एम्युनिशन प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ाकर **220 मिलियन** राउंड प्रति वर्ष करने की तैयारी में है।
विस्तार की बड़ी योजना
गोवा स्थित डिफेंस मैन्युफैक्चरर Hughes Precision Manufacturing Pvt. Ltd. ने अल्ट्रा-हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स से ₹250 करोड़ से ज्यादा का निवेश हासिल किया है। इस फंड का मुख्य इस्तेमाल कंपनी की छोटी कैलिबर (small-calibre) एम्युनिशन प्रोडक्शन क्षमता को मौजूदा 80 मिलियन से बढ़ाकर 220 मिलियन राउंड सालाना करने के लिए किया जाएगा।
मीडियम-कैलिबर में एंट्री
कंपनी अब सिर्फ छोटे हथियारों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मीडियम-कैलिबर एम्युनिशन मार्केट में भी कदम रख रही है। भारत में डिफेंस सेक्टर को 'आत्मनिर्भर' बनाने की मुहिम के बीच यह कदम काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि अभी तक एम्युनिशन के लिए भारत काफी हद तक आयात पर निर्भर रहा है। कंपनी का लक्ष्य भारतीय सशस्त्र बलों के साथ-साथ पैरामिलिट्री और अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अपनी सप्लाई देना है।
मजबूत ऑर्डर बुक
कंपनी के पास फिलहाल ₹1,000 करोड़ से अधिक का ऑर्डर बुक मौजूद है, जिसमें 60% घरेलू मांग है और 40% हिस्सा एक्सपोर्ट का है। कंपनी को उम्मीद है कि अगले 2 साल के भीतर इन ऑर्डर्स को पूरा कर लिया जाएगा। साल 2016 में स्थापित यह कंपनी गोवा के वर्ना इंडस्ट्रियल एस्टेट से अपना कामकाज संभालती है।
निवेश के जोखिम और चुनौतियां
डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में काम करना आसान नहीं है। एम्युनिशन प्रोडक्शन के लिए गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) और रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) से सख्त लाइसेंसिंग और सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है। निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि अगर सरकारी मंजूरी में देरी होती है या सरकार की प्रोक्योरमेंट पॉलिसी में बदलाव आता है, तो कंपनी के 24 महीने के लक्ष्यों पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, कच्चे माल (raw material) की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।
