हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) अपने स्वदेशी लड़ाकू विमान Tejas Mk-1A की पहली डिलीवरी के लिए तैयार है, जो मार्च 2027 तक होने की उम्मीद है। सफल वेपन ट्रायल्स के बाद, कंपनी का ऑर्डर बुक ₹2.45 लाख करोड़ से अधिक का हो गया है और इंजन सप्लाई में सुधार के साथ, HAL पुराने प्रोजेक्ट डिले को दूर करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
Detailed Coverage
Tejas Mk-1A: अब बस सॉफ्टवेयर सर्टिफिकेशन बाकी!
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) अपने स्वदेशी लड़ाकू विमान Tejas Mk-1A के प्रोग्राम के लिए अहम वेपन ट्रायल्स को पूरा कर चुकी है। इससे कंपनी लंबे समय से अटकी हुई डिलीवरी शुरू करने के और करीब आ गई है। दो साल से ज्यादा के प्रोजेक्ट डिले का सामना करने के बाद, अब सारा फोकस सॉफ्टवेयर सर्टिफिकेशन को फाइनल करने पर है। कंपनी ने शुरुआती 20 विमानों का निर्माण पूरा कर लिया है, जो फिलहाल GE F404-IN20 इंजन की फाइनल इंस्टॉलेशन का इंतज़ार कर रहे हैं।
इंजन सप्लाई और प्रोडक्शन की रफ्तार
GE इंजन के लिए सप्लाई चेन का स्टेबल होना HAL के प्रोडक्शन टारगेट के लिए बहुत ज़रूरी है। कंपनी को पहले ही सात इंजन मिल चुके हैं और नवंबर 2026 से पहले जनरल इलेक्ट्रिक से दस और यूनिट्स आने की उम्मीद है। ये इंजन शुरुआती 20 मैन्युफैक्चर किए गए एयरफ्रेम्स के बैकलॉग को क्लियर करने के लिए ज़रूरी हैं। HAL का लक्ष्य मार्च 2027 तक अपनी पहली स्क्वाड्रन, जिसमें 16 से 18 विमान होंगे, की डिलीवरी करना है। इनके अलावा, आठ से नौ और विमान असेंबली के विभिन्न स्टेज में हैं, जो मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटी में तेजी का संकेत दे रहे हैं।
₹2.45 लाख करोड़ का भारी-भरकम ऑर्डर बुक
HAL की बिज़नेस विजिबिलिटी एक बड़े ऑर्डर बुक से मजबूत हो रही है, जो अब ₹2.45 लाख करोड़ से ज़्यादा है। इस आंकड़े में FY26 के दौरान मिले बड़े डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट्स शामिल हैं, जैसे 97 LCA Tejas जेट्स, छह एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर, और आठ डॉर्नियर Do-228 एयरक्राफ्ट के ऑर्डर। आगे देखते हुए, कंपनी मैनेजमेंट FY27 और FY28 के दौरान लगभग ₹90,000 करोड़ के नए ऑर्डर आने की उम्मीद कर रही है। फाइनेंशियल प्रोजेक्शन FY27 के लिए 10-12% के रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद दिखाते हैं, जिसमें ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (EBITDA मार्जिन) 30-31% के रेंज में रहने का अनुमान है।
ऑपरेशनल रिस्क और ध्यान देने योग्य बातें
हालांकि एक बड़े ऑर्डर पाइपलाइन से आउटलुक को सहारा मिल रहा है, कंपनी उन इंडस्ट्रीज में काम करती है जो एग्जीक्यूशन टाइमलाइन के प्रति संवेदनशील होती हैं। इन्वेस्टर्स संभावित रिस्क पर नज़र रख सकते हैं, जिसमें इंजन जैसे क्रिटिकल कंपोनेंट्स की सप्लाई में कोई और डिले शामिल है, जो डिलीवरी शेड्यूल को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, डिफेंस सेक्टर में अक्सर हाई वर्किंग कैपिटल की ज़रूरत होती है, जहां पैसा लंबे समय तक इन्वेंटरी और रिसीवेबल्स में फंसा रहता है। सरकारी कॉन्ट्रैक्ट अप्रूवल का समय और बड़े डिफेंस ऑर्डर्स के डिले होने का रिस्क ऐसे फैक्टर हैं जो कंपनी के कैश फ्लो और ग्रोथ ट्रैजेक्टरी को प्रभावित कर सकते हैं। Tejas Mk-1A के लिए सॉफ्टवेयर सर्टिफिकेशन की प्रगति स्टेकहोल्डर्स के लिए तुरंत निगरानी करने वाली अगली बड़ी खबर है।
