मुनाफे का गणित और रेवेन्यू की उड़ान
कंपनी के मैनेजमेंट ने बताया कि मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स के तहत एयरक्राफ्ट और इंजन कंपोनेंट्स की डिलीवरी में तेजी आने के कारण यह शानदार ग्रोथ देखने को मिली है। पिछले फाइनेंशियल ईयर की इसी तिमाही में जहां ₹1,440 करोड़ का नेट प्रॉफिट हुआ था, वहीं इस बार यह बढ़कर ₹1,867 करोड़ पर पहुंच गया। रेवेन्यू की बात करें तो यह ₹6,957 करोड़ से बढ़कर ₹7,699 करोड़ पर पहुंच गया, जो 10.65% की बढ़ोतरी है।
ऑपरेशनल परफॉरमेंस और मार्जिन में सुधार
HAL ने इस दौरान अपनी ऑपरेशनल स्ट्रेंथ भी दिखाई है। कंपनी का EBITDA 11.2% बढ़कर ₹1,871 करोड़ हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹1,683 करोड़ था। EBITDA मार्जिन में भी मामूली सुधार देखने को मिला, जो 24.2% से बढ़कर 24.3% हो गया।
निवेशकों के लिए ₹35 का डिविडेंड
अपने मजबूत वित्तीय स्वास्थ्य का संकेत देते हुए HAL बोर्ड ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपना पहला अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। शेयरधारकों को प्रति इक्विटी शेयर ₹35 मिलेंगे, जो शेयर के फेस वैल्यू ₹5 का 700% है। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 18 फरवरी, 2026 तय की गई है, और भुगतान 14 मार्च, 2026 तक कर दिया जाएगा।
नौ महीनों का प्रदर्शन और आगे क्या?
फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के पहले नौ महीनों (अप्रैल-दिसंबर 2025) में HAL का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 12.1% बढ़कर ₹4,919 करोड़ रहा। इस दौरान कुल रेवेन्यू 11% बढ़कर ₹19,146 करोड़ पर पहुंच गया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि Tejas Mk1A की लगातार डिलीवरी और सिविल एविएशन में MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर, ओवरहॉल) सेवाओं का विस्तार आने वाले समय में कंपनी के लिए ग्रोथ के बड़े इंजन साबित हो सकते हैं।
शेयर में दिखी तेज़ी
नतीजों के ऐलान के बाद, HAL के शेयरों में भी मजबूती देखी गई। गुरुवार को शेयर में लगभग 1.3% की तेजी आई और यह इंट्राडे में ₹4,185 के स्तर तक पहुंच गया। पिछले एक साल में, HAL के शेयर ने बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स को भी पीछे छोड़ा है, जहां निफ्टी ने लगभग 11% का रिटर्न दिया, वहीं HAL ने 16% से ज्यादा का रिटर्न दिया है।