रेवेन्यू लक्ष्य चूका, पर ऑर्डर बुक दे रही मजबूती
Hindustan Aeronautics Ltd. (HAL) ने FY26 के लिए ₹32,250 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 4% की बढ़ोतरी है। यह कंपनी के 8-10% ग्रोथ गाइडेंस से काफी कम है। सप्लाई चेन में दिक्कतें और LCA Mk1A व HTT-40 जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में देरी को इसका मुख्य कारण बताया जा रहा है।
ब्रोकरेज की नजर: टारगेट घटा, पर 'आउटपरफॉर्म' बरकरार
इस बीच, ब्रोकरेज फर्म CLSA ने HAL पर अपनी 'Outperform' रेटिंग को बरकरार रखा है, लेकिन GE इंजन की संभावित डिलीवरी में देरी के अंदेशे को देखते हुए शेयर का टारगेट प्राइस ₹5,436 से घटाकर ₹5,175 कर दिया है। CLSA ने FY26-28 के लिए अर्निंग्स पर शेयर (EPS) के अनुमानों में भी 3% से 6% तक की कटौती की है।
₹2.54 लाख करोड़ का ऑर्डर बुक देगा सहारा
इन चिंताओं के बावजूद, HAL का ऑर्डर बैकलॉग FY26 के अंत तक ₹2.54 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। यह कंपनी को अगले 7-8 साल तक (और FY27 के प्रोडक्ट रेवेन्यू अनुमानों के आधार पर 14 साल तक) रेवेन्यू की अच्छी-खासी विजिबिलिटी देता है। CLSA का अनुमान है कि FY27-30 के बीच हेलीकॉप्टर, फाइटर जेट्स और सुपर सुकोई प्रोग्राम की मांग के चलते कंपनी को लगभग $25 बिलियन के नए ऑर्डर मिल सकते हैं।
वैल्यूएशन पर सवाल, पर एनालिस्ट पॉजिटिव
वर्तमान में शेयर का भाव लगभग ₹3,670 के आसपास है, और साल की शुरुआत से अब तक यह 16%-21% तक गिर चुका है। CLSA का नया टारगेट प्राइस ₹5,175 अभी के भाव से 40% से ज्यादा की उछाल का संकेत देता है। इन गिरावटों के बावजूद, एनालिस्ट्स का भरोसा कायम है। जो एनालिस्ट्स इस स्टॉक को कवर कर रहे हैं, उनमें से 25 में से 21 इसे 'Buy' करने की सलाह दे रहे हैं।
एग्जीक्यूशन और वैल्यूएशन हैं मुख्य रिस्क
Hindustan Aeronautics Ltd. के सामने एग्जीक्यूशन (Execution) की चुनौतियाँ और एलिवेटेड वैल्यूएशन (Elevated Valuation) को लेकर कुछ बड़ी चिंताएं हैं। FY26 के रेवेन्यू गाइडेंस को पूरा न कर पाना और GE इंजन की डिलीवरी में संभावित देरी निकट भविष्य की अर्निंग्स के लिए अनिश्चितता पैदा करती है। कंपनी का मौजूदा P/E वैल्यूएशन अपने 10-साल के औसत से 70%-76% ऊपर है, जो कि थोड़ा महंगा कहा जा सकता है।
भविष्य उज्ज्वल, डिफेंस सेक्टर को सरकार का साथ
भारत सरकार का रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने का मजबूत विजन HAL के लिए एक सकारात्मक आधार प्रदान करता है। ₹7.85 लाख करोड़ के रक्षा बजट और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी पहलों से स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। HAL मैनेजमेंट का अनुमान है कि FY27 में बेहतर मैन्युफैक्चरिंग एफिशिएंसी और सिविल एविएशन सेगमेंट में विस्तार के साथ ग्रोथ में तेजी आएगी।