Hindustan Aeronautics Limited (HAL) ने LCA Tejas Mk-1A में इंजन लगाने का काम पूरा कर लिया है। यह कंपनी के **₹48,000 करोड़** वाले रक्षा प्रोजेक्ट के लिए एक बड़ी कामयाबी है, जिससे डिलीवरी में आ रही रुकावटें दूर होंगी।
सप्लाई चेन की चुनौतियां हुई खत्म
भारतीय वायु सेना ने इस बात की पुष्टि की है कि LCA Tejas Mk-1A बेड़े में इंजनों को सफलतापूर्वक इंस्टॉल कर दिया गया है। ₹48,000 करोड़ के इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए यह एक टर्निंग पॉइंट है, क्योंकि सप्लाई चेन की दिक्कतों के चलते पहले इसकी डिलीवरी में देरी हो रही थी। अब कंपनी को बस कुछ आखिरी टेक्निकल प्रोटोकॉल पूरे करने हैं, जिसके लिए 60 दिनों का समय तय किया गया है। इन औपचारिकताओं के बाद फाइटर जेट्स को आधिकारिक रूप से ऑपरेशनल फ्लीट में शामिल किया जाएगा।
इन्वेस्टर्स के लिए क्या है खास?
HAL के निवेशकों की नजर इस बात पर है कि कंपनी अपने विशाल ऑर्डर बुक को समय पर कैसे पूरा करती है। 83 विमानों (73 फाइटर और 10 ट्रेनर) के इस प्रोजेक्ट में इंजन की सप्लाई सबसे बड़ी चुनौती थी। चूंकि डिफेंस प्रोजेक्ट्स में देरी से लागत बढ़ने का जोखिम रहता है, इसलिए यह खबर कंपनी की ऑपरेशनल स्टेबिलिटी के लिहाज से बहुत अहम है।
Tejas Mk-1A में AESA रडार और बियॉन्ड-विजुअल-रेंज मिसाइल जैसी आधुनिक तकनीकें मौजूद हैं। बाजार के जानकार अब अगले 2 महीनों पर नजर गड़ाए हुए हैं, क्योंकि यही वह समय है जब फाइनल सर्टिफिकेशन और डिलीवरी की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
